कोरबा। जिले में सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ट्रैफिक पुलिस की कोशिश जारी है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इंटरसेप्टर की मदद इस काम में ली जा रही है। इसके काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
कोरबा जिले में कई स्थानों पर सडक़ों की दुर्गति के कारण हादसे हो रहे हैं तो सडक़ों की बेहतरीन होने के कारण वाहनों की रफ्तार होने पर भी दुर्घटना में बढ़ोतरी हो रही है।
दो तरफ कारण इस प्रकार के मामलों में देखे जा रहे है। बारिश की विदाई के साथ अब फेस्टिवल सीजन की शुरुआत हो रही है और ऐसे में जिले की विभिन्न सडक़ों पर आवागमन में बढ़ोतरी के मद्देनजर पुलिस की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है। इसी बात को ध्यान में रखा गया है और व्यस्त क्षेत्र में वाहनों की जांच के काम को तेज किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस को इंटरसेप्टर की सुविधा ट्रैफिक पुलिस को प्राप्त हुई है जो विभिन्न प्रकार की विशेषताओं से युक्त है। बताया गया कि इसमें जीपीएस की कनेक्टिंग है जो वाहनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग करने में अपनी भूमिका निभाता है। इसके साथ इंटरसेप्टर में ब्रेथ एनालाइजर को भी दिया गया है इसके माध्यम से यह ज्ञात किया जा रहा है कि चालक सामान्य स्थिति में है या नहीं। स्पीड लिमिट क्रॉस करने और नियम तोडऩे का पता भी इंटरसेप्टर की तकनीकी व्यवस्था लगाने में सक्षम है।
लगातार इस प्रकार के सामने आए हैं और इनमें पुलिस की ओर से संबंधित चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्हें इस बात के लिए भी जागरूक किया जा रहा है की सडक़ पर चलने के नियम आपके लिए बेहद जरूरी है और हर हाल में इसका पालन किया ही जाना चाहिए।
परीक्षण के साथ हटाए गए डेंजर स्पॉट
इससे पहले कोरबा जिले में नेशनल हाईवे क्रमांक 130 के अलावा कुछ स्टेट हाईवे पर डेंजर स्पॉट को हटाने का काम किया गया।
इससे पहले क्षेत्र का परीक्षण लोक निर्माण विभाग, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों के द्वारा किया गया।
इस दौरान इस बात को ध्यान में रखा जाएगी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति एक ही स्थान पर बार-बार क्यों हो रही है और इसके पीछे आखिर मूल कारण क्या है।
Editor – Niraj Jaiswal
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