जयघोष के साथ शक्तिपीठों की अखंड ज्योति यात्रा रवाना, देवपहरी में होगी स्थापना

कोरबा। आश्विन नवरात्र पर हिंगलाजगढ़ देवपहरी में पांच शक्तिपीठों की अखंड ज्योत स्थापित होना है। आज उन्हें सप्तदेव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद धूमधाम से रवाना कर दिया गया। बड़ी संख्या में भक्तजन इस यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान यात्रा मार्ग पर देवी के जयकारे गूंजते रहे।

वैष्णो देवी, मिनाक्षी मंदिर कांचीपुरम, कामाख्या मंदिर गुवाहाटी, कालिका मंदिर पावागढ़ और शारदा शक्तिपीठ मैहर से यह ज्योति पहुंची है। इनके साथ ही सिद्धिदात्री मंदिर और ब्लूचिस्तान के हिंगलाज मंदिर की अखंड ज्योति भी यहां प्रज्जवलित होना है। नवरात्र के प्रथम दिवस संकल्प के साथ इन सभी की स्थापना देवपहरी में होगी। रविवार को सुबह सीतामणी रोड स्थित सप्तदेव मंदिर में पूजा अर्चना की गई। इस परंपरा का निर्वहन करने के बाद सभी ज्योतियों को रवाना किया गया।

कोरबा नगर से होकर निकली यात्रा का मुख्य मार्ग पर अनेक जगह दर्शन, पूजन करने के लिए लोग उत्साहित दिखे।

रूमगरा चौक, शिवनगर, चुईया, सोनपुरी और अजगरबहार में लोगों ने ज्योति यात्रा के स्वागत के लिए अपनी ओर से तैयारी कर रखी थी। उन्होंने यात्रा पहुंचने के कई घंटे पहले ही भजन-कीर्तन का क्रम शुरू किया और इसके माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण तैयार किया। कुछ देर विश्राम के बाद यात्रा सतरेंगा पहुंची, जहां पर इसका स्वागत हुआ। रात्रि को गढ़ उपरोड़ा इसका अंतिम पड़ाव रहा। जहां पर रात्रि विश्राम होना है।


पदयात्रा के साथ तय होगी दूरी
नवरात्र के प्रथम दिवस ही अखंड ज्योति यात्रा देवपहरी के हिंगलाजगढ़ सिद्धिदात्री परिसर पहुंचेगी। गढ़-उपरोड़ा से यहां तक की पूरी दूरी पैदल तय की जाएगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को दायित्व दिया गया है। बताया गया कि सोमवार को सुबह 5 बजे पदयात्रा के साथ सभी शक्तिपीठों की ज्योति देवपहरी के लिए रवाना की जाएगी।

दोपहर तक यात्रा देवपहरी पहुंचेगी। वहां पर यात्रा दल के सहभागियों और यजमानों की उपस्थिति में घट स्थापना संपन्न होगी और इसके बाद अखंड ज्योतियों को निर्धारित क्रम से उनके स्थान पर प्रतिष्ठित किया जाएगा। बताया गया कि संपूर्ण आयोजन में हिन्दू समाज का सहयोग प्राप्त हो रहा है।