भारतमाला परियोजना के निर्माण कार्य पर सवाल, ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

कोरबा।भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत कोरबा को रांची से जोड़ने वाली सड़क निर्माण में लगी कंपनी दिलीप बिल्डकॉन के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बरपाली और आसपास के गांवों में कंपनी की लापरवाही के कारण आवागमन बाधित हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी ने सड़क और जमीन की खुदाई के बाद कई स्थानों को समतल किए बिना सिर्फ बोल्डर डालकर काम खत्म कर दिया। इससे पंचायत कार्यालय, स्कूल, तहसील और अन्य सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि भारतमाला परियोजना का उद्देश्य तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है, लेकिन वर्तमान में बरपाली क्षेत्र में उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुछ रास्तों पर बिछाए गए बोल्डर और कांटों ने आवागमन को और जटिल कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को अपने गांव पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप

ग्रामीणों ने कंपनी पर प्राकृतिक संसाधनों के बेजा दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है। मनमाने तरीके से खुदाई और रॉ मटेरियल निकालने की शिकायतें पहले भी की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से कंपनी का मनोबल बढ़ा है। निर्माण के दौरान ग्रामीणों के सुझावों को भी नजरअंदाज किया गया। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण से कुछ खास लोगों को ही लाभ होगा, जबकि स्थानीय निवासियों के लिए सिर्फ परेशानियां बढ़ रही हैं।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की है और मांग की है कि पहले जैसी स्थिति बहाल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इस मामले ने भारतमाला परियोजना के कार्यान्वयन और स्थानीय स्तर पर निर्माण एजेंसी की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।