हसदेव नदी के लिए रिवर फ्रंट की मांग, उपमुख्यमंत्री को सौंपा गया नमामि हसदेव का ज्ञापन

कोरबा। जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नमामि हसदेव सेवा समिति ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसमें 10 किलोमीटर लंबे रिवर फ्रंट बनाने की मांग की गई। इस बारे में उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मिलकर ज्ञापन सौंपा गया।  

समिति ने बताया कि हसदेव नदी न केवल कोरबा की जीवनरेखा है, बल्कि इसका धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्व है। समिति ने रिवर फ्रंट निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें प्रमुख रूप से घाटों का सौंदर्यीकरण अंतर्गत माँ सर्वमंगला मंदिर, श्री सर्वेश्वर मंदिर, शिवशक्ति माँ भवानी मंदिर सहित विभिन्न घाटों पर पक्की सीढिय़ाँ, रेलिंग और लाइटिंग की व्यवस्था, हसदेव आरती, भजन, योग एवं उत्सवों हेतु सांस्कृतिक मंच निर्माण,  प्रदूषण नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण अभियान पर जोर दिया गया।

इसके अलावा स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता हेतु पैदल पथ, सुरक्षा और निगरानी के लिए स्मार्ट लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरे,ठोस कचरा एवं सीवेज प्रबंधन अंतर्गत नालों पर चेम्बर सिस्टम,बायोफेंस या एसटीपी की व्यवस्था आदि करने की मांग की गई।

सुरक्षा एवं अतिक्रमण नियंत्रण हेतु गार्ड रूम और सीमांकन बाउंड्री निर्माण की मांग रखी गई है। यह मांग पत्र जिले के विकास और हसदेव नदी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है।

प्रतिनिधिमंडल में सदस्य चन्द्र किशोर श्रीवास्तव,रणधीर पाण्डेय,यशवंत कुमार मिश्रा,प्रकाश सिंह चाहल और हरीश कुमार राठौर शामिल थे।