कुसमुंडा खदान में डीजल चोरी: दो नंबर प्लेट वाली बोलेरो पकड़ी गई, एसईसीएल की सुरक्षा में सेंध

कोरबा जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कोयला खदानों से डीजल चोरी की घटनाएं लगातार जारी हैं। संगठित गिरोह कंपनी की गाड़ियों से डीजल चुराकर खदान के अंदर ही निजी कंपनियों को बेच रहा है। इस कड़ी में कुसमुंडा खदान से एक और मामला सामने आया है, जहां सुरक्षा एजेंसी ने दो नंबर प्लेट लगी बोलेरो गाड़ी को पकड़ा। इस गाड़ी का इस्तेमाल डीजल चोरी के लिए किया जा रहा था।

बोलेरो गाड़ी से डीजल चोरी का खेल

बताया जाता है कि दो दिन पहले कुसमुंडा खदान के अंदर रेलवे साइडिंग क्षेत्र में एसईसीएल के अधिकारियों ने डीजल चोरी करते हुए एक बोलेरो गाड़ी को देखा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को देखते ही चालक बोलेरो लेकर फरार हो गया। अधिकारियों ने तुरंत घेराबंदी की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा एजेंसी गाड़ी को पकड़ नहीं सकी। अगले दिन उसी बोलेरो को कुसमुंडा गेस्ट हाउस परिसर में खड़ी अवस्था में पाया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसी को सूचना दी, जो मौके पर पहुंची।

सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने गाड़ी के टायरों की हवा खोल दी और वापस लौट गए। इसकी जानकारी डीजल चोरों को लग गई, जिन्होंने बोलेरो को खींचकर बाहर ले जाकर भागने की कोशिश की। एसईसीएल की टीम ने फिर घेराबंदी की और गाड़ी को बांकीमोंगरा- सुराकछार क्षेत्र में पकड़ लिया। अंततः बोलेरो को कुसमुंडा लाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

दो नंबर प्लेट से खदान में घुसपैठ

पुलिस जांच के दौरान बोलेरो गाड़ी में दो नंबर प्लेट मिलीं। एक पर नंबर सीजी 11 बीएच 9472 लिखा था, जबकि दूसरी पर सीजी 27 एम 4734। जाली नंबर प्लेट के सहारे गिरोह गाड़ी को खदान के अंदर ले जाता था, जिससे गेट पर सुरक्षा एजेंसियां इसे नहीं रोक पातीं। इस तरह संगठित गिरोह डीजल चोरी का खेल चला रहा था। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

एसईसीएल खदानों में बढ़ती चोरी की घटनाएं

एसईसीएल की कोयला खदानों में डीजल चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। संगठित गिरोह कंपनी की संपत्ति को निशाना बना रहे हैं, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।