चिर्रा-श्यांग मार्ग के लिए 9.35 करोड़ स्वीकृत, जर्जर सड़क से मिलेगी मुक्ति

कोरबा। कोरबा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र चिर्रा से श्यांग तक की 12 किलोमीटर लंबी सड़क, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से जर्जर हालत में है, अब जल्द ही पक्की सड़क में तब्दील होगी।

इस मार्ग के निर्माण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से 9 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है और बारिश कम होने के बाद सर्वे सहित अन्य कार्य शुरू कर दिए गए हैं। यह मार्ग कोरबा शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है और हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के साथ-साथ दो दर्जन से अधिक गांवों के लिए आवागमन का प्रमुख रास्ता है।

इस मार्ग की जर्जर स्थिति के कारण ग्रामीणों को बारिश में कीचड़ और गर्मियों में धूल की समस्या का सामना करना पड़ता है। शाम होते ही आवागमन लगभग बंद हो जाता है, और बारिश में वाहन फंसने से चालकों को भारी परेशानी होती है। इस मार्ग के निर्माण से सिमकेदा, विमलता, चिर्रा, गीतकंवारी, लबेद, तीतरडांड, गिरारी जैसे गांवों के निवासियों को लाभ होगा। यह मार्ग गुरमा और श्यांग होकर धरमजयगढ़ तक जाता है, जिससे क्षेत्र में आवागमन आसान होगा।

डीएमएफ की बैठक में कलेक्टर श्री अजीत वसंत की अध्यक्षता में इस मार्ग के लिए राशि स्वीकृति का निर्णय लिया गया। स्थानीय ग्रामीणों परमेश्वर बंजारे, बी एल पटेल, रामकुमार और गणेश राम ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर खुशी जताई। उनका कहना है कि यह मार्ग उनके लिए कोरबा शहर आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, लेकिन इसकी खराब स्थिति और हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण रात में यात्रा करना जोखिम भरा होता है। पक्की सड़क बनने से उनकी यह समस्या दूर होगी।

लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जी आर जांगड़े ने बताया कि यह मार्ग स्टेट हाइवे है और इसका आवागमन के लिए विशेष महत्व है। डीएमएफ से राशि स्वीकृत होने के बाद बारिश के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका था, लेकिन अब कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। जून 2026 तक कार्य पूरा होने की संभावना है, हालांकि इससे पहले कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।