नाबालिग के प्रसव मामले में रिश्तेदार पर पोक्सो और बलात्कार का मुकदमा दर्ज

कोरबा। टीपी नगर के डीके हॉस्पिटल में नाबालिग लड़की के प्रसव के मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति, अशोक, के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और बलात्कार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। प्रकरण की जांच जारी है, और पीड़िता की सही उम्र का पता लगाने के लिए बोन मैरो टेस्ट कराया जाएगा।

घटना का विवरण

10 सितंबर की रात 11-12 बजे के बीच, दो-तीन महिलाएं एक गंभीर हालत में युवती को डीके हॉस्पिटल लेकर पहुंचीं। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने सिजेरियन ऑपरेशन किया, जिसके बाद युवती ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक को संदेह हुआ कि युवती की उम्र 18 वर्ष से कम है। आधार कार्ड मांगने पर कथित परिजनों ने इसे उपलब्ध नहीं कराया, जिसके बाद चिकित्सक ने सीएसईबी पुलिस सहायता केंद्र को सूचित किया।

पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला सिटी कोतवाली थाने को सौंपा, जहां अशोक नामक व्यक्ति के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और बलात्कार के तहत अपराध दर्ज किया गया।

रिश्तेदार पर गंभीर आरोप

सूत्रों के अनुसार, पीड़िता अपने रिश्तेदार अशोक के साथ रह रही थी, जो उसकी देखरेख और पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभा रहा था। पीड़िता के पिता का देहांत हो चुका है, और उसकी मां बिहार में रहती है। लगभग 7-8 साल की उम्र से पीड़िता अशोक और उसकी पत्नी के साथ रह रही थी। सूत्रों का दावा है कि अशोक ने संतान की चाह में अपनी नीयत खराब की और पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई।

उम्र और पितृत्व की जांच

पीड़िता की उम्र की पुष्टि के लिए कोई वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस बोन मैरो टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। साथ ही, जन्मी बच्ची के पितृत्व की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट भी कराया जा सकता है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में गुमराह करने की कोशिशों को नाकाम करते हुए सच का पता लगाया और एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीर है और जांच पूरी होने तक कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस ने तथ्यात्मक जांच के आधार पर शहर में चल रही अफवाहों और आशंकाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है। जांच के आधार पर अन्य आरोपियों को भी शामिल किया जा सकता है।