युक्तियुक्तकरण से भैंसामुड़ा के एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षक नियुक्त, बच्चों की पढ़ाई की राह आसान

कोरबा। करतला ब्लॉक के ग्राम पंचायत भैंसामुड़ा में संचालित प्राथमिक शाला आश्रम और प्राथमिक शाला भदरापारा में एकल शिक्षकीय स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई में आ रही समस्याओं का समाधान हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इन स्कूलों में नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इससे न केवल बच्चों की शिक्षा सुगम हुई है, बल्कि उनका भविष्य भी उज्ज्वल नजर आने लगा है।

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के माध्यम से जिले के अतिशेष शिक्षकों को रिक्त और आवश्यकता वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया है। इसके तहत भैंसामुड़ा के प्राथमिक शाला आश्रम में शिक्षिका श्रीमती सुमित कँवर की नियुक्ति हुई है। इस स्कूल में पहले केवल एक शिक्षक सियाराम कश्यप अध्यापन कराते थे, जिससे पढ़ाई में कठिनाई होती थी। अब नई शिक्षिका के आने से शिक्षक और बच्चों दोनों को राहत मिली है। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं गौरी, देवंती और पूर्वी ने बताया कि नई मैडम नियमित कक्षाएं लेती हैं और उन्हें पढ़ाई में मदद मिल रही है। शिक्षिका सुमित कँवर ने बताया कि स्कूल में 29 बच्चे हैं और वे नियमित रूप से कक्षाएं संचालित कर रही हैं।

इसी तरह, भदरापारा के प्राथमिक शाला में भी युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षिका सुभद्रा पाल की नियुक्ति हुई है। यह स्कूल वर्ष 2021-22 से एकल शिक्षकीय था, जहां केवल प्रधान पाठिका श्रीमती रंभा मिश्रा ही अध्यापन कराती थीं। अब नई शिक्षिका के आने से 14 बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है। स्कूल के छात्र जानसी, विनय, आर्यन और वीरा ने बताया कि नई मैडम सुभद्रा पाल कक्षाएं लेती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बेहतर हो रही है।

ग्राम भैंसामुड़ा के ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि एकल शिक्षकीय स्कूलों में नए शिक्षकों की नियुक्ति से उनके बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत होगी। ग्रामीणों ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।