ग्राम पंचायत रंगोले और केराकछार के सचिवों के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का मोर्चा, स्थानांतरण की मांग

कोरबा।जिले की ग्राम पंचायत रंगोले और केराकछार में पंचायत सचिवों के मनमाने रवैये से त्रस्त जनप्रतिनिधियों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरपंचों और पंचों ने रंगोले के सचिव के स्थानांतरण और केराकछार के सचिव को हटाने की मांग की है, जिसके लिए जिला पंचायत और कलेक्टर को शिकायत सौंपी गई है।

रंगोले में सचिव की अनुपस्थिति से ग्रामीण परेशान

जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत ग्राम पंचायत रंगोले के सचिव सुनिल कुमार कुर्रे के खिलाफ सरपंच सहित पंचों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत को शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि सुनिल कुमार कुर्रे पिछले 15 वर्षों से रंगोले में पदस्थ हैं, लेकिन वे पंचायत मुख्यालय से 15-20 किमी दूर पाली में रहते हैं। वे कार्यालय में नियमित नहीं आते और समय पर उपस्थित नहीं होते। इससे आवास, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन जैसे हितग्राही मूलक कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों को इन कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है और सचिव का फोन भी नहीं उठता। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि सुनिल कुमार कुर्रे को तत्काल स्थानांतरित कर कर्तव्यनिष्ठ सचिव की नियुक्ति की जाए।

केराकछार में विकास कार्यों में अनियमितता

ग्राम पंचायत केराकछार में भी सचिव आशा दिव्य के खिलाफ सरपंच ने कलेक्टर से शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, पूर्व सरपंच के कार्यकाल में आहरण राशि का सही हिसाब नहीं दिया गया। वर्तमान कार्यकाल में भी सचिव आहरण राशि का आधा हिस्सा ले लेती हैं, जिसके कारण विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। सरपंच ने सचिव आशा दिव्य को तत्काल हटाने की मांग की है, ताकि पंचायत में विकास कार्य सुचारु रूप से चल सकें।

ग्रामीणों की समस्याओं का निदान जरूरी

दोनों पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सचिवों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रंगोले और केराकछार के ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और समस्याओं का शीघ्र निदान करेगा।