शारदीय नवरात्र: देवपहरी के हिंगलाजगढ़ में 5 शक्तिपीठों की अखंड ज्योति की स्थापना

कोरबा। आगामी शारदीय नवरात्र के अवसर पर कोरबा के देवपहरी में निर्माणाधीन हिंगलाजगढ़ में देश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की जाएगी। 22 सितंबर से शुरू होने वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए सिद्धिदात्री मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ संकल्प लिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।गौमुखी सेवाधाम देवपहरी में हर वर्ष दोनों नवरात्रों पर धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिसमें आसपास के 40 गांवों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। जवारा सेवा, जस गीत, और देवी पूजा जैसे कार्य मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोगों द्वारा किए जाते हैं। जनजातीय समाज द्वारा वर्षों से हिंगलाज देवी की उपासना को ध्यान में रखते हुए हिंगलाजगढ़ का निर्माण किया जा रहा है।

गौमुखी सेवाधाम देवपहरी में हर वर्ष दोनों नवरात्रों पर धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिसमें आसपास के 40 गांवों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। जवारा सेवा, जस गीत, और देवी पूजा जैसे कार्य मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोगों द्वारा किए जाते हैं। जनजातीय समाज द्वारा वर्षों से हिंगलाज देवी की उपासना को ध्यान में रखते हुए हिंगलाजगढ़ का निर्माण किया जा रहा है।

इस वर्ष यहां पांच शक्तिपीठों माँ वैष्णो देवी (उत्तर),माँ कामाक्षी देवी(दक्षिण),माँ कामाख्या देवी(पूर्व), माँ कालीका देवी (पश्चिम), और माँ शारदा देवी (मध्य भारत)की अखंड ज्योति स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, माँ सिद्धिदात्री की छठी और हिंगलाज माता (बलूचिस्तान, पाकिस्तान) की सातवीं ज्योति भी स्थापित होगी, हालांकि हिंगलाज माता की ज्योति अभी बिना प्रज्वलन के रहेगी।

इन ज्योतियों को देश के विभिन्न शक्तिपीठों से लाने की जिम्मेदारी धर्मनिष्ठ लोगों को सौंपी गई है। कोरबा से रवाना होने और वापसी की तिथि निर्धारित कर दी गई है। ज्योतियों के कोरबा पहुंचने पर भ्रमण कार्यक्रम होगा, जिसके बाद विधिवत स्थापना की जाएगी। इस अनुष्ठान से श्रद्धालु हिंगलाजगढ़ में शक्तिपीठों के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे।

पाकिस्तान से भी आएगी ज्योति का संकल्प
गौमुखी सेवा समिति ने संकल्प लिया है कि अखंड भारत की स्थापना होने पर बलूचिस्तान (पाकिस्तान) स्थित हिंगलाज माता के शक्तिपीठ से भी अखंड ज्योति लाकर हिंगलाजगढ़ में प्रज्ज्वलित की जाएगी। परिसर में एक सरोवर का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसमें भारत माता की तस्वीर के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानियों शिवाजी महाराज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मी बाई, बिरसा मुंडा, और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को सकारात्मक प्रेरणा देना है।