ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन, सर्वे/नापी से पहले शर्तों को पूरा करने की मांग

कोरबा। ग्राम हरदीबाजार (जनपद पंचायत पाली) के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मकानों एवं अन्य परिसंपत्तियों की सर्वे/नापी से पहले 13 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग की है। ग्रामवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सर्वे/नापी की प्रक्रिया शुरू नहीं होने दी जाएगी।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि सर्वे/नापी टीम से केसीसी कर्मचारी विकास दुबे और एसईसीएल कर्मचारी अनिल पाटले को हटाया जाए। जिन भूमि खसरा नंबरों का धारा 09 का प्रकाशन नहीं हुआ है, उनका नामांतरण, बंटवारा और रिकॉर्ड दुरुस्ती पहले की जाए।

सर्वे शुरू करने से पहले सुविधायुक्त बसाहट दिखाई जाए। साथ ही, वर्ष 2004 और 2010 के अधिग्रहण की खसरा एवं नामवार सूची, और अधिग्रहित भूमि के रोजगार हेतु घटते क्रम की सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

ग्रामीणों ने मांग की कि अधिग्रहित भूमि और मकानों का मुआवजा वर्तमान दर पर तय किया जाए और 100 प्रतिशत सोलेशियम राशि दी जाए। मकान तोड़ने से पहले 50% मुआवजा प्रदान किया जाए और शेष राशि 15 दिनों के भीतर दी जाए। इसके अलावा, खदान में हो रही हेवी ब्लास्टिंग को बंद किया जाए और मकानों, कुओं व अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति दी जाए।

ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि हरदीबाजार अनुसूचित क्षेत्र होने के कारण यहां पेसा एक्ट लागू है, इसलिए ग्राम सभा की सहमति के बिना कोई सर्वे/नापी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों को अनदेखा कर एसईसीएल प्रबंधन जबरन सर्वे शुरू करता है और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और प्रबंधन की होगी।