उमस भरे मौसम में ‘घोड़ा करैत’ का खतरा, साइलेंट किलर से सावधान रहने की जरूरत

कोरबा।जिले में बरसात का मौसम भले ही विदाई की ओर हो, लेकिन इसके साथ आई उमस भरी गर्मी ने एक खतरनाक मेहमान को सक्रिय कर दिया है। यह है ‘कॉमन करैत’, जिसे स्थानीय भाषा में ‘घोड़ा करैत’ के नाम से जाना जाता है। यह जहरीला सांप, जो सर्पदंश से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है, अब अपने बिलों से निकलकर ठंडी और शांत जगहों की तलाश में इंसानी बस्तियों और घरों में घुस रहा है। विशेषज्ञ इसे ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं, क्योंकि इसका दंश इतना हल्का होता है कि कई बार पीड़ित को इसका पता भी नहीं चलता, लेकिन इसका जहर जानलेवा साबित हो सकता है।

उमस ने बढ़ाया सर्पदंश का खतरा

मौसम में अचानक बढ़ी नमी और तापमान के साथ ही घोड़ा करैत जैसे जहरीले सांप अपने बिलों से बाहर निकल रहे हैं। ये सांप अक्सर मिट्टी के फर्श वाले घरों, अंधेरी जगहों या नम स्थानों पर शरण लेते हैं। सर्पमित्रों के अनुसार, उमस भरी गर्मी इन सांपों को सक्रिय करती है, जिससे सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में यह खतरा अधिक देखा जा रहा है।

क्यों है ‘साइलेंट किलर’

कॉमन करैत को साइलेंट किलर कहने की वजह इसका दंश है, जो बिना दर्द या सूजन के शरीर को प्रभावित करता है। सर्पमित्रों का कहना है कि इसके काटने पर पीड़ित को तुरंत कोई लक्षण महसूस नहीं होते, जिसके कारण लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन इसका जहर धीरे-धीरे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे श्वसन क्रिया रुक सकती है और अंततः मृत्यु हो सकती है।

सावधानी और जागरूकता जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सर्पमित्रों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। घरों में अंधेरी और नम जगहों की नियमित सफाई, मिट्टी के फर्श को ढकने और रात में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सर्पदंश की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार कराने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने भी लोगों से जागरूक रहने और सांपों से दूरी बनाए रखने की अपील की है ताकि इस मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।