कांकेर का उभरता पर्यटन स्थल ‘धारपारूम’ बन रहा सैलानियों की पहली पसंद

कांकेर जिले का धारपारूम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठी भौगोलिक संरचना के कारण पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिला मुख्यालय से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थल, कांकेर विकासखंड के ग्राम पंचायत पीढ़ापाल के समीप पहाड़ियों और घाटियों से घिरा हुआ है। प्राकृतिक झरने, गुफाएं और पुरातात्विक महत्व के शैलचित्र इस क्षेत्र को और भी आकर्षक बनाते हैं।

वर्तमान में धारपारूम का प्रबंधन स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सामुदायिक स्तर पर किया जा रहा है, जिससे यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। हाल ही में मीडिया द्वारा इस क्षेत्र के दृश्यों को सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पर्यटकों का मानना है कि धारपारूम में केशकाल के टाटामारी से भी बड़े हिल स्टेशन के रूप में विकसित होने की अपार संभावनाएं हैं।

कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने धारपारूम का दौरा कर इसे नवीन पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी प्राप्त की। प्रशासनिक सहयोग और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से धारपारूम जल्द ही कांकेर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।