बस्तर संभाग में बाढ़ का कहर: 25 गांव प्रभावित, 2,196 लोग राहत शिविरों में, सीएम साय ने जापान से दिए त्वरित राहत के निर्देश

रायपुर।छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, और बस्तर जिलों में बाढ़ ने तबाही मचाई है, जिसमें 25 गांव प्रभावित हुए हैं। बुधवार रात जगदलपुर के श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड में एक पुराने मकान का प्रथम तल धंस गया, जिसके बाद एसडीआरएफ, महापौर, और निगम दस्ते ने पीड़ित परिवार को सुरक्षित निकाला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान प्रवास के दौरान स्थिति की समीक्षा कर त्वरित राहत कार्यों के निर्देश दिए हैं।

राहत शिविरों में 2,196 लोग सुरक्षित

बस्तर संभाग के चार जिलों में 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां 2,196 लोग ठहरे हुए हैं। इनमें दंतेवाड़ा से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120, और बस्तर से 170 लोग शामिल हैं। सुकमा में 611 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है, जहां भोजन, चिकित्सा, और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं।

हेलीकॉप्टर और नाव से रेस्क्यू

बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा, और तोकापाल विकासखंडों में राहत कार्य जोरों पर हैं। लोहंडीगुड़ा के ग्राम मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि पिछले 24 घंटों में हेलीकॉप्टर और नाव की मदद से 68 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सुकमा में ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवी और जिला प्रशासन मिलकर राहत कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।

भारी बारिश और नुकसान

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को दंतेवाड़ा में क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी, सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी, और बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस भारी बारिश से 25 गांव जलमग्न हो गए, 5 लोगों की जान गई, 17 पशु हताहत हुए, 165 मकान आंशिक रूप से और 86 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

मुआवजा और सर्वेक्षण कार्य शुरू

प्रशासन ने क्षतिग्रस्त मकानों और पुल-पुलियों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। सुकमा के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

सीएम साय के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान से राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह से फोन पर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखने, निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने, और राहत सामग्री समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। साय ने कहा, “जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन हर जरूरतमंद तक त्वरित सहायता पहुंचाए।”

प्रशासन की मुस्तैदी

राहत कार्यों में प्रशासन, एसडीआरएफ, और नगर सेना की टीमें दिन-रात जुटी हैं। बस्तर में बारिश थमने के बाद सड़कों पर भरा पानी कम होने लगा है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले और राहत दलों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हर प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।