मरही माता मंदिर दर्शन के दौरान बाढ़ का कहर, एक ही परिवार के चार बच्चे बहे, तीन की मौत, एक लापता

बिलासपुर जिले के खोंगसरा इलाके में रविवार दोपहर एक दुखद हादसा सामने आया। मरही माता मंदिर दर्शन के लिए बलौदाबाजार-भाटापारा से आए एक ही परिवार के चार बच्चे अचानक आई बाढ़ में बह गए। इस हादसे में गौरी ध्रुव (13), मुस्कान ध्रुव (13), और नितांश ध्रुव (5) की मौत हो गई, जबकि चौथे बच्चे बलराम ध्रुव (13) की तलाश अब भी जारी है।

हादसे ने बिखेरा मातम

हादसे की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि तेज बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में नाला अचानक उफान पर आ गया, जिसका अंदाजा न लग पाने के कारण यह दर्दनाक घटना घटी।

प्रशासन और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, SDRF, और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। स्थानीय लोगों की मदद से तीन बच्चों के शव बरामद किए गए, लेकिन लापता बच्चे की खोज अभी भी जारी है। जिला प्रशासन ने बारिश के मौसम में नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

मंदिर दर्शन के दौरान त्रासदी

बलौदाबाजार जिले के भाटापारा निवासी ध्रुव परिवार मरही माता मंदिर दर्शन के लिए खोंगसरा के भनवारटक पहुंचा था। अचानक हुई तेज बारिश ने नाले को उफान पर ला दिया, जिसके तेज बहाव में परिवार के चार बच्चे बह गए। यह हादसा क्षेत्र में मातम का माहौल पैदा कर गया है।

प्रशासन की सतर्कता

जिला प्रशासन ने इस हादसे के बाद लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही, बारिश के मौसम में नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता की जरूरत को रेखांकित किया है।