सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प निरीक्षण संपन्न

राज्य- संभाग स्तरीय टीम ने परखी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की व्यवस्थाएं, गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश

कोरबा।कायाकल्प कार्यक्रम के तहत राज्य एवं संभाग स्तरीय मूल्यांकन टीम ने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और गुणवत्ता संबंधी व्यवस्थाओं का व्यापक आकलन किया। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

मूल्यांकन टीम में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बिलासपुर डॉ. गायत्री बांधी, स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. रेणुका सामुएल, एसपीएम रायपुर डॉ. प्रदीप टंडन, संभागीय क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. ऋषिकेश रात्रे तथा हॉस्पिटल कंसल्टेंट डॉ. देवेंद्र गुर्जर शामिल रहे। टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा, करतला तथा रानी धनराज कुंवर देवी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा अभिलेखों के संधारण की गहन समीक्षा की गई। टीम ने ओपीडी, आईपीडी, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला, एक्स-रे कक्ष, दवा वितरण कक्ष, स्टोर, पेयजल व्यवस्था, शौचालय सहित विभिन्न विभागों का निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन किया। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से उपचार, भोजन और अन्य सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान टीम ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कायाकल्प के मानकों के अनुरूप स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि कायाकल्प योजना का उद्देश्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और गुणवत्ता के उच्च मानकों को स्थापित करना है। नियमित मूल्यांकन से स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार होता है और मरीजों को बेहतर उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।