भागवत कथा में छिपा है व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं का समाधान: पंडित विजय शंकर मेहता

कोरबा। जीवन प्रबंधन गुरु पंडित विजय शंकर मेहता ने कहा है कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और प्रोफेशनल समस्याओं के समाधान का एक अनमोल सूत्र है। कोरबा के जश्न रिसॉर्ट में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह विचार व्यक्त किए।

पंडित मेहता मातन्हेलिया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के सिलसिले में कोरबा पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग अशांति से जूझ रहा है और शांति की तलाश में धर्म व आध्यात्म की ओर आकर्षित हो रहा है। भारत में धर्म और आध्यात्म की जड़ें और मजबूत हो रही हैं।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती को अपनी उपलब्धियों का आधार बताते हुए कहा कि रायपुर में सवा करोड़ हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन उनके लिए बड़ी उपलब्धि थी।

पंडित मेहता ने यह भी जोड़ा कि धर्म का राजनीति में सकारात्मक हस्तक्षेप होना चाहिए। उन्होंने भगवान राम के राज्याभिषेक में गुरु वशिष्ठ और श्रीकृष्ण की दीक्षा में गुरु सांदीपनि के योगदान का उदाहरण दिया।

इस अवसर पर राजबीर अग्रवाल और उनके परिजन उपस्थित थे।