कोरबा।भाद्रपद अमावस्या के अवसर पर कोरबा जिले में पोला पर्व पारंपरिक उत्साह और आस्था के साथ मनाया गया। इस लोक पर्व पर कृषक समुदाय ने कृषि संसाधनों और नंदी बैलों की पूजा-अर्चना कर उनके योगदान को सम्मानित किया। यह पर्व कृषि कार्यों में बैलों की महत्ता को रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
प्राचीन परंपरा के अनुसार, कोरबा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषकों ने अपने कृषि उपकरणों और नंदी बैलों की विधिवत पूजा की। बैलों को पकवान अर्पित किए गए और उनके प्रतीकों को घरों में रखकर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई।
इस अवसर पर समाज ने यह संदेश दिया कि कृषि कार्यों और प्रगति में बैलों की भूमिका को मान्यता देना आवश्यक है। सुबह से दोपहर तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू समुदाय ने इस परंपरा का निर्वहन किया।
भले ही आधुनिकता ने कृषि क्षेत्र में प्रवेश कर लिया हो, लेकिन पोला पर्व के माध्यम से परंपराओं और कृषि संपदा के प्रति सम्मान जीवंत रहा।
Editor – Niraj Jaiswal
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