एसईसीएल कर्मी और पत्नी पर 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, चेक बाउंस कर फरार

कोरबा। चंद्र स्वजन कल्याण समिति से रिश्तेदार के इलाज के नाम पर लगभग 40 लाख रुपये उधार लेने के बाद एसईसीएल कर्मी हरिशंकर रैकवार और उनकी पत्नी उषा किरण पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। दंपति ने न केवल रकम लौटाने में आनाकानी की, बल्कि भुगतान के लिए दिए गए चेक को भी छलपूर्वक बैंक से निरस्त करा लिया। मामले में न्यायालय के निर्देश पर कुसमुंडा थाने में अपराध दर्ज किया गया है।

चंद्र स्वजन कल्याण समिति की उपाध्यक्ष लेखिका चंद्रा ने बताया कि समिति बिना ब्याज के समाज के सदस्यों को ऋण प्रदान करती है और विशेष परिस्थितियों में अन्य व्यक्तियों को भी सहायता देती है। हरिशंकर रैकवार ने अपने साले के ब्रेन ट्यूमर और कैंसर के इलाज के लिए समिति से संपर्क किया।

उनकी साख को देखते हुए समिति ने 12 मई 2019 से 9 दिसंबर 2019 तक 19 लाख 60 हजार रुपये और 7 नवंबर 2019 को 8 लाख 50 हजार रुपये नगद सहित कुल 28 लाख 10 हजार रुपये बिना ब्याज के दिए। इसके अलावा, 22 नवंबर 2020 को 10 लाख रुपये एक साल में लौटाने की शर्त पर दिए गए।

हालांकि, समयसीमा बीतने के बाद भी रकम नहीं लौटाई गई। 16 दिसंबर 2021 को उषा किरण ने 10 लाख रुपये के चेक के साथ इकरारनामा नोटरी पी.के. बजाज के समक्ष किया। बाद में 31 मार्च 2022 तक अतिरिक्त समय मांगा गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। 29 अक्टूबर 2022 को एक और इकरारनामा हुआ, जिसमें 26 जनवरी 2023 तक दो किश्तों में पूरी रकम लौटाने का वादा किया गया, लेकिन यह भी पूरा नहीं हुआ।

हरिशंकर रैकवार ने समिति को बताया कि वे 30 जून 2025 को एसईसीएल से रिटायर होंगे और रिटायरमेंट की राशि से ऋण चुका देंगे। लेकिन रिटायरमेंट के बाद दंपति ने अपने घर पर ताला लगाकर फरार हो गए और उनका फोन भी बंद है। समिति को शक हुआ कि उनकी मंशा रकम हड़पने की थी।

जब समिति ने 4 जुलाई 2025 को 10 लाख रुपये का चेक बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह बाउंस हो गया। बैंक ने बताया कि उषा किरण ने 20 अगस्त 2022 को अपनी चेक बुक को निरस्त कर खाते को नॉन-चेक बुक अकाउंट में बदल दिया था, जबकि इकरारनामे में उल्लिखित चेक उस समय वैध थे।

आरोपियों ने देरी के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में 1 लाख 90 हजार रुपये अतिरिक्त देने का वादा किया था, जिसे मिलाकर कुल 38 लाख 10 हजार रुपये की राशि बकाया है। समिति की शिकायत पर कुसमुंडा पुलिस ने दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।