छत्तीसगढ़ में मितानिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: मुख्यमंत्री साय से मुलाकात, संविलियन की मांग तेज

कोरबा।छत्तीसगढ़ में मितानिन कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। मितानिनों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

इस बीच, भाजपा प्रदेश कार्यक्रम योजना प्रभारी व मितानिन संघ के सह-संयोजक राजेश यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय से मुलाकात कर मितानिनों, मितानिन प्रशिक्षकों, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर्स और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर्स की समस्याओं से अवगत कराया।

मितानिन कर्मचारी संघ ने बताया कि भाजपा ने अपने 2023 के चुनावी घोषणापत्र में मितानिन कार्यक्रम के तहत कार्यरत कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में संविलियन और उनके मानदेय में 50% वृद्धि का वादा किया था। साथ ही, मितानिन कार्यक्रम को एनजीओ के बजाय सीधे NHM के तहत संचालित करने की बात कही गई थी।

हालांकि, इन वादों को पूरा नहीं किया गया और मितानिन कार्यक्रम का संचालन दिल्ली की एक एनजीओ ‘सच’ को सौंप दिया गया, जिससे मितानिनों में भारी निराशा है।

संघ ने अपनी मांगों को लेकर 13 दिसंबर 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी, जिसके बाद NHM संचालक ने आश्वासन दिया था कि मांगों पर विचार किया जा रहा है। लेकिन 13 महीनों से वेतन/क्षतिपूर्ति में देरी और मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज मितानिनों ने 29 जुलाई 2025 को एकदिवसीय सांकेतिक धरना और 7 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल व धरना प्रदर्शन शुरू किया, जो नवा रायपुर के ग्राम तुता में जारी है।

मितानिनों की प्रमुख मांगें:

2023 के घोषणापत्र के अनुसार मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का NHM में संविलियन।

मानदेय में 50% वृद्धि।

मितानिन कार्यक्रम को एनजीओ के बजाय सीधे NHM के तहत संचालित करना और ठेका प्रथा बंद करना।

मितानिनों का कहना है कि NHM में संविलियन से उनकी आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। यह कदम ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के सशक्तिकरण का भी एक मजबूत उदाहरण बनेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा का आश्वासन दिया है, जबकि प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि “मोदी की गारंटी को धीरे-धीरे पूरा किया जाएगा।”

इस मुलाकात में संभाग प्रभारी मनोहर पटेल, कृष्ण सोनवानी, रुक्मणी पटेल, रुक्मणी यादव, सुनीता कंवर और महिला मोर्चा अध्यक्ष ऊषा विश्वकर्मा मौजूद थीं। 

मितानिनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगी।