आयुक्त की पहल: परसाभांठा बाजार और चौक का होगा कायाकल्प, रजत जयंती वाटिका की स्थापना

कोरबा।आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की विशेष पहल पर बालकोनगर के परसाभांठा बाजार व चौक का कायाकल्प किया जाएगा। जीर्ण-शीर्ण शेड के स्थान पर नए शेड लगेंगे, पसरे दुरूस्त होंगे, बिजली पानी की पर्याप्त व्यवस्था होगी, बाजार का जीर्णोद्धार होगा एवं परसाभांठा चौक का सौदंर्यीकरण किया जाएगा, चौक की व्यवस्थाएं  सुधारी जाएंगी।

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने बालको प्रबंधन के अधिकारियों एवं निगम की टीम के साथ परसाभांठा बाजार व चौक का निरीक्षण कर उक्त कार्यो का दायित्व बालको प्रबंधन को सौंपा, जिस पर प्रबंधन द्वारा अपनी सहमति जताते हुए उक्त संबंध में शीघ्र कार्यवाही करने को कहा गया।

आयुक्त ने प्रबंधन के अधिकारियों से कहा कि वे अपने सीएसआर मद से परसाभांठा बाजार में आवश्यक मरम्मत, सुधार व विकास कार्य करें। उन्होंने बाजार में पसरों की मरम्मत, नए शेड लगाने, पानी, बिजली की सुविधा मुहैया कराने एवं पसरों के बीच आने जाने के मार्ग का जीर्णोद्धार करने सहित अन्य विकास कार्य किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर निगम के अपर आयुक्त विनय मिश्रा, जोन कमिश्नर एन.के.नाथ, बालको के अधिकारी कुशाग्र्र कुमार, निगम के उपजोन प्रभारी संजय ठाकुर, स्वच्छता निरीक्षक सतानंद द्विवेदी, देवव्रत आदित्य, संतोष साहू, अवध लहरे, रामकुमार राठौर आदि के साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

आईटीआई चौक के समीप होगा सौंदर्यीकरण
आयुक्त ने बालको  प्रबंधन के अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि कोरबा के आईटीआई चौक के समीप बालको रोड पर स्थित प्रबंधन के प्रवेशद्वार के पास सडक़ के किनारे खुले में मछली दुकानें लगाई जा रही है, प्रशासन द्वारा इन दुकानों को वहॉं से हटाकर विस्थापित किया जाएगा। उन्होंने प्रबंधन से कहा कि वे सीएसआर मद से सडक़ के किनारे उक्त स्थल का सौंदर्यीकरण कराएं, वहॉं ग्रील लगाकर स्थल को ग्रीन-बेल्ट के रूप में विकसित करते हुए थीम आधारित पेंटिंग पोताई आदि से स्थल को सौंदर्यीकृत करें।

रजत जयंती वाटिका होगी स्थापित
नगर पालिक निगम क्षेत्र में रजत जयंती वाटिका की स्थापना की जाएगी। आयुक्त ने बालको जोनांतर्गत चेकपोस्ट लालघाट स्थित मंदिर के पीछे स्थित मैदान का निरीक्षण किया तथा रजत जयंती वाटिका हेतु स्थल का चयन करते हुए मैदान के चारों ओर पूर्व में लगे वृक्षों के अतिरिक्त वृक्षारोपण कर ग्रीन-बेल्ट बनाने, पाथवे का निर्माण करने, स्थल को वाटिका के रूप में सजाने संवारने व सौदंर्यीकृत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।