एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट

कोरबा । जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। इस हड़ताल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के 750 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी, जिनमें डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, आरएमए, और एएनएम शामिल हैं, हड़ताल में शामिल होंगे। मौजूदा समय में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, और इस हड़ताल से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संघ ने आंदोलन के लिए रणनीति तैयार कर ली है, जिसमें ओपीडी और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी भी शामिल होंगे।

एनएचएम कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:

संविलियन और स्थायीकरण

पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना

ग्रेड पे का निर्धारण

लंबित 27% वेतन वृद्धि

कार्य मूल्यांकन (सीआर) में पारदर्शिता

नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण

अनुकंपा नियुक्ति

मेडिकल और अन्य अवकाश की सुविधा

स्थानांतरण नीति का निर्धारण

न्यूनतम 10 लाख तक कैशलेस चिकित्सा बीमा

हड़ताल के फैसले से स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां बढ़ गई हैं। विभाग के अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्थाओं में जुट गए हैं, ताकि मरीजों को कम से कम असुविधा हो। हालांकि, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों और मरीजों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की अपील की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें। इस हड़ताल ने एक बार फिर स्वास्थ्य क्षेत्र में कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं की कमी को उजागर किया है।