रानी झिरिया वॉटरफॉल की प्राकृतिक सुंदरता खतरे में, गंदगी और अव्यवस्था बनी चुनौती

कोरबा जिले में बसा रानी झिरिया वॉटरफॉल प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखा खजाना है। मानसून में यह झरना अपनी पूरी शान के साथ पहाड़ियों से गिरता हुआ और हरियाली के बीच एक मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। हालांकि, इसकी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए पर्यटकों को कठिन और जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, और बढ़ती गंदगी इसकी खूबसूरती को धूमिल कर रही है।

दुर्गम रास्ता और जोखिम

रानी झिरिया वॉटरफॉल तक पहुंचने के लिए अजगरबहार से लगभग 4 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यह रास्ता पथरीला, फिसलन भरा और बिना पक्के मार्ग के है, जिसके कारण परिवार, बच्चों और महिलाओं के साथ आने वाले पर्यटकों को खासा जोखिम उठाना पड़ता है। पत्थरों और नदी किनारे से होकर गुजरने वाला यह सफर रोमांचक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी है।

प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव

कठिन यात्रा के बाद रानी झिरिया का नजारा सारी थकान मिटा देता है। ऊंचाई से गिरता झरना, चारों ओर फैली हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। मानसून में झरने का बहाव तेज होने से इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है, जिसके कारण हाल के वर्षों में यहां सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है।

गंदगी और अव्यवस्था की समस्या

बढ़ती पर्यटक भीड़ के साथ गंदगी की समस्या भी गंभीर हो गई है। लोग खाने-पीने के पैकेट, प्लास्टिक बोतलें और कचरा यहीं छोड़ जाते हैं, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान पहुंच रहा है। यह न केवल पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है, बल्कि अन्य सैलानियों के अनुभव को भी खराब कर रहा है।

वन विभाग की चुनौतियां

रानी झिरिया वन विभाग के अंतर्गत आता है, लेकिन गंदगी और भीड़ को नियंत्रित करने में विभाग की भूमिका अपर्याप्त दिखाई देती है। न तो सफाई की कोई उचित व्यवस्था है और न ही पर्यटकों के लिए पक्के रास्ते। स्थानीय लोगों और पर्यटकों की लापरवाही इस हिडन ट्रेजर की सुंदरता को खतरे में डाल रही है।

पर्यटन स्थल के रूप में संभावनाएं

रानी झिरिया वॉटरफॉल में छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल बनने की पूरी क्षमता है। यदि प्रशासन और वन विभाग इसे विकसित करने के लिए पक्के रास्ते, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा उपायों पर ध्यान दे, तो यह न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पर्यटकों से भी अपील है कि वे इस प्राकृतिक धरोहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।