हसदेव दर्री बराज से बांयीं तट नहर में पानी की मात्रा बढ़ाकर 3800 क्यूसेक, किसानों की मांग पर लिया गया फैसला

कोरबा। बारिश थमने और खेतों में दरार पड़ने की समस्या के बीच हसदेव दर्री बराज से बांयीं तट नहर में पानी की मात्रा को बढ़ाकर 3800 क्यूसेक कर दिया गया है। पहले नहर में 3010 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन किसानों की लगातार मांग और दैनिक भास्कर द्वारा 13 अगस्त 2025 के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने गुरुवार सुबह से पानी की मात्रा बढ़ाने का निर्णय लिया।

हसदेव दर्री संभाग रामपुर के कार्यपालन अभियंता एसएन साय ने बताया कि नहर की लाइनिंग टूटी होने के कारण क्षमता से कम पानी छोड़ा जा रहा था, ताकि कोई नुकसान न हो। नहर की कुल क्षमता 4200 क्यूसेक है, लेकिन टूटी लाइनिंग को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे पानी की मात्रा बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में 800 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़कर कुल 3800 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है।

बांयीं तट नहर से कोरबा जिले के करतला ब्लॉक, सक्ती जिला, रायगढ़ जिले के रायगढ़ और खरसिया ब्लॉक, साथ ही चांपा के लिए शाखा नहर के माध्यम से सिंचाई की जाती है। इस नहर की कुल सिंचाई क्षमता 1 लाख 38 हजार हेक्टेयर है। टेल एरिया के किसान लंबे समय से पानी की कमी की शिकायत कर रहे थे। कार्यपालन अभियंता ने आश्वासन दिया कि अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस निर्णय से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो सूखे खेतों और फसलों को बचाने के लिए पानी की मांग कर रहे थे।