कोरबा पावर लिमिटेड की विस्तार परियोजना: तीसरी और चौथी इकाई की कमिशनिंग 2026 में, उत्पादन क्षमता बढ़कर 3520 मेगावाट होगी

कोरबा जिले के पताढी में स्थित कोरबा पावर लिमिटेड (पूर्व में लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड) के विद्युत संयंत्र की विस्तार परियोजना तेजी से प्रगति कर रही है। अडानी पावर लिमिटेड द्वारा अधिग्रहण के बाद इस संयंत्र की तीसरी और चौथी इकाइयों (2×660 मेगावाट) की कमिशनिंग का कार्य जोरों पर है, जिसके 2026 में पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही तीसरे चरण की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं, जो संयंत्र की उत्पादन क्षमता को 3520 मेगावाट तक बढ़ा देगी।

तीसरी और चौथी इकाई की कमिशनिंग

कोरबा पावर लिमिटेड की दूसरी फेज की विस्तार परियोजना के तहत 1320 मेगावाट क्षमता वाली तीसरी और चौथी इकाइयों (प्रत्येक 660 मेगावाट) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अधिग्रहण के समय यह परियोजना रुकी हुई थी, लेकिन अडानी पावर लिमिटेड के प्रबंधन ने इसे गति प्रदान की है। जानकारी के अनुसार, तीसरी इकाई की कमिशनिंग मार्च 2026 तक और चौथी इकाई की कमिशनिंग दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। इन दोनों इकाइयों के चालू होने के बाद संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता 600 मेगावाट (पहले चरण की दो इकाइयां, प्रत्येक 300 मेगावाट) से बढ़कर 1920 मेगावाट हो जाएगी।

तीसरे चरण की तैयारी

अडानी पावर लिमिटेड ने कोरबा पावर लिमिटेड के परिसर में तीसरे चरण की विस्तार परियोजना की शुरुआत भी कर दी है। इस चरण में 1600 मेगावाट क्षमता वाली दो नई इकाइयां (प्रत्येक 800 मेगावाट) स्थापित की जाएंगी, जो अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होंगी। इस तकनीक से न केवल बिजली उत्पादन की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होगा। कंपनी ने मुख्य संयंत्र उपकरणों के लिए ऑर्डर दे दिए हैं, जिससे परियोजना की गति और बढ़ने की उम्मीद है। तीसरे चरण के पूरा होने पर संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता 3520 मेगावाट तक पहुंच जाएगी, जो कोरबा को देश के प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्रों में से एक बनाएगा।

अधिग्रहण और प्रबंधन

लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड का अधिग्रहण अडानी पावर लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के तहत किया गया था। अधिग्रहण के बाद संयंत्र का नाम बदलकर कोरबा पावर लिमिटेड कर दिया गया। वर्तमान में संयंत्र की पहली फेज की दो इकाइयां (प्रत्येक 300 मेगावाट) पहले से ही चालू हैं, और दूसरी फेज की प्रगति के साथ तीसरे चरण की योजना ने क्षेत्र में बिजली उत्पादन की संभावनाओं को और मजबूत किया है।

क्षेत्रीय और आर्थिक प्रभाव

कोरबा पावर लिमिटेड की विस्तार परियोजना से न केवल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस परियोजना के तहत पावर मेक प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 294 करोड़ रुपये का ठेका मिला है, जिसमें तीसरी और चौथी इकाइयों के लिए ओवरहॉलिंग, इरेक्शन, टेस्टिंग, कमिशनिंग और प्रदर्शन गारंटी परीक्षण शामिल हैं। यह परियोजना क्षेत्र की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

कोरबा पावर लिमिटेड की विस्तार परियोजना छत्तीसगढ़ और देश के लिए बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। तीसरी और चौथी इकाइयों की कमिशनिंग से संयंत्र की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, और तीसरे चरण की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित इकाइयां इसे और भी आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाएंगी। कोरबा पावर लिमिटेड की यह पहल क्षेत्र को ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।.