चक्रवाती असर से कोरबा में बिजली व्यवस्था चरमराई, रातभर कई इलाके रहे अंधेरे में

तेज हवाओं से पेड़ और डालियां 33 केवी लाइनों पर गिरीं, कई फीडर हुए ट्रिप; बिजली गुल होने से पानी सप्लाई और कारोबार भी प्रभावित

कोरबा। चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से कोरबा जिले में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। लगातार बारिश के बीच चली तेज हवाओं ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को खासा प्रभावित किया। कई स्थानों पर पेड़ और उनकी बड़ी-बड़ी शाखाएं टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गईं। इसके चलते 33 केवी विद्युत लाइनों में फॉल्ट और टूट-फूट हुई और कई फीडर ट्रिप हो गए। नतीजतन शहर के कई हिस्सों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मध्य रात्रि से बिजली गुल रही।


तुलसी नगर से ग्रामीण इलाकों तक बिजली गुल
तेज हवाओं का असर कोरबा शहर के तुलसी नगर,पाडीमार जोन सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। हवा की रफ्तार बढ़ने से मजबूत पेड़ों की शाखाएं विद्युत लाइनों पर जा गिरीं। इससे बिजली आपूर्ति करने वाली लाइनों में खराबी आई और संबंधित फीडर बंद हो गए।

मध्य रात्रि से बिजली बंद होने के कारण लोगों को पूरी रात परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोबाइल चार्जिंग, घरेलू उपकरणों के संचालन और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हुए। सुबह तक आपूर्ति बहाल नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई। कई प्रभावित क्षेत्रों में सुबह करीब 10 बजे तक भी बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाई थी।

बारिश के बीच फॉल्ट तलाशना बना चुनौती
खराब मौसम के बीच विद्युत विभाग के कर्मचारियों के सामने फॉल्ट तलाशने और सुधार कार्य करने की चुनौती रही। कई स्थानों पर पहले पेड़ों की गिरी शाखाओं को हटाया गया, इसके बाद विद्युत लाइन में आई खराबी का पता चला। वहीं कुछ स्थानों पर फॉल्ट की वास्तविक स्थिति तक पहुंचने में समय लगा।

विभागीय टीमों ने प्रभावित फीडरों की पहचान कर उन्हें क्रमश: दुरुस्त करने का काम शुरू किया। बिजली बहाली के लिए तकनीकी कर्मचारियों और आवश्यक संसाधनों को अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया।

पर्याप्त मैनपावर के साथ सुधार कार्य
कोरबा विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता राजकुमार सोनकर ने बताया कि खराब मौसम के कारण कई स्थानों पर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इन्हें दूर करने के लिए पर्याप्त मैनपावर और तकनीकी टीमों को लगाया गया है। जहां भी फॉल्ट की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जा रहा है। प्रभावित फीडरों को क्रमश: दुरुस्त कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास जारी है।

बिजली गुल होने से पानी सप्लाई भी प्रभावित
विद्युत आपूर्ति बाधित होने का असर जलापूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ा। बिजली नहीं होने से फिल्टर प्लांटों में काम प्रभावित हुआ और ओवरहेड टैंकों तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया भी बाधित रही। इसके कारण सुबह कई क्षेत्रों में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो सकी।

बिजली नहीं होने से वैकल्पिक व्यवस्था भी प्रभावी नहीं हो सकी। वहीं व्यावसायिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा। दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में बिजली आधारित कामकाज प्रभावित होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।

बिजली बहाली के लिए देर तक जुटा रहा अमला
बारिश और तेज हवाओं के बीच विद्युत विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में फॉल्ट तलाशने, पेड़ों की शाखाएं हटाने और लाइनों की मरम्मत में जुटी रहीं। विभाग का प्रयास रहा कि प्रभावित फीडरों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कर जल्द से जल्द आपूर्ति सामान्य की जाए।