मातृत्व के समय मिला सहारा, कृति और बृहस्पति को मिली आर्थिक मजबूती

मिनीमाता महतारी जतन योजना से दोनों महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की सहायता

कोरबा।बच्चे के जन्म के समय परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता श्रमिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनती है। कोरबा के भिलाई खुर्द निवासी श्रीमती कृति पटेल को पहले बच्चे के जन्म पर श्रम विभाग की मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता मिली। उन्होंने बताया कि योजना से प्राप्त राशि ने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया।

इसी योजना के तहत श्रीमती बृहस्पति पटेल को भी 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। उनके अनुसार, मातृत्व के समय मिली यह राशि परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई और उन्हें आर्थिक संबल मिला।

दोनों महिलाओं का अनुभव बताता है कि प्रसव और मातृत्व के दौरान मिलने वाली सहायता श्रमिक परिवारों के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बन सकती है।

पंजीकृत महिला श्रमिकों को मिलती है एकमुश्त सहायता
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत पात्र पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए महिला श्रमिक का संबंधित मंडल में कम से कम एक वर्ष पूर्व से पंजीकृत होना आवश्यक है।

योजना के माध्यम से मातृत्व के दौरान महिला श्रमिकों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चे के जन्म के समय परिवार पर आने वाले अतिरिक्त खर्च का कुछ भार कम हो सके।