कोरबा। जिले के कुदमुरा रेंज अंतर्गत बैगामार जंगल क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की रात बिजली के तारों की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गई। यह हादसा किसानों द्वारा फसल सुरक्षा के लिए खेतों में लगाए गए बिजली प्रवाहित तारों के कारण हुआ। घटना की सूचना पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन किसानों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात कोरबा वनमंडल के बैगामार जंगल में हाथियों के झुंड से बिछड़ा एक हाथी खेत की ओर चला गया। खेत के किनारे लगे बिजली प्रवाहित तारों की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने हाथी का शव देखा और वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम और पशु चिकित्सकों का दल मौके पर पहुंचा और शव का पोस्टमार्टम शुरू किया।
किसानों पर कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में पता चला कि किसानों कृष्ण राम राठिया, बाबू राम राठिया और टीका राम राठिया ने अपने खेतों में बिजली प्रवाहित तार बिछाए थे। पूछताछ में तीनों ने अपनी गलती स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वन विभाग अब यह जांच कर रहा है कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं। मृत हाथी की उम्र और अन्य विवरण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होंगे।
क्षेत्र में हाथियों की सक्रियता
डीएफओ के अनुसार, बैगामार जंगल क्षेत्र में वर्तमान में 22 हाथियों का एक झुंड सक्रिय है। मृत हाथी संभवतः इसी झुंड से बिछड़कर खेत की ओर आया था। वन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
वन विभाग की चेतावनी
वन विभाग ने किसानों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि खेतों में बिजली प्रवाहित तार लगाना गैरकानूनी और वन्यजीवों के लिए घातक है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे ऐसी खतरनाक प्रथाओं से बचें और वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करें। इस घटना ने क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष और अवैध उपायों की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर किया है।
Editor – Niraj Jaiswal
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