प्रसिद्ध तबला वादक मोरध्वज वैष्णव को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित

कोरबा के विख्यात तबला वादक मोरध्वज वैष्णव को उनके उत्कृष्ट संगीतमय योगदान और वैष्णव ब्राह्मण समाज में उल्लेखनीय कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह हाल ही में राजधानी रायपुर के एक होटल में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान हुआ।

25 वर्षों से संगीत शिक्षा के क्षेत्र में योगदान

मोरध्वज वैष्णव पिछले 25 वर्षों से कोरबा और छत्तीसगढ़ के होनहार तबला और नृत्य के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय संगीत शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उनकी मेहनत और समर्पण के फलस्वरूप कई विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना चुके हैं। इसके अलावा, मोरध्वज ने विश्व के विभिन्न देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर अनेक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं, जिससे कोरबा और छत्तीसगढ़ का नाम वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।

राष्ट्रीय अधिवेशन में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पी.ए.एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल जे.के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश दास वैष्णव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

वैष्णव समाज का गौरवशाली योगदान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की मिसालें कायम की हैं। उन्होंने मोरध्वज वैष्णव जैसे प्रतिभावान व्यक्तियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज और संस्कृति को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण है।

कोरबा का गौरव बढ़ाने वाली उपलब्धि

मोरध्वज वैष्णव का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का सम्मान है, बल्कि कोरबा और छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय है। उनके कार्यों ने संगीत और कला के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रेरित किया है और वैष्णव समाज की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध किया है।