कोरबा में छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाएं: पुलिस की सख्त कार्रवाई, पीड़ितों से निर्भय होकर शिकायत की अपील

कोरबा, 25 जून 2025: कोरबा जिले में युवतियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में हाल के दिनों में वृद्धि देखी जा रही है। खासकर सोशल मीडिया पर ऐसी घटनाओं की लगातार खबरें सामने आ रही हैं। कोरबा पुलिस ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई कथित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। हालांकि, बदनामी के डर से कई पीड़ित खुलकर शिकायत करने से हिचक रही हैं, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।

नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने के साथ ही स्कूलों और कॉलेजों के बाहर छुट्टी के समय घर लौट रही छात्राओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणियों की घटनाएं बढ़ रही हैं। आवारा मनचले इन अवसरों का फायदा उठाकर छात्राओं को परेशान कर रहे हैं। कई लड़कियां सामाजिक बदनामी के डर से अपने शिक्षकों, अभिभावकों या पुलिस से शिकायत करने से कतराती हैं, जिससे ऐसे अपराधियों का हौसला बढ़ रहा है।

कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने इस गंभीर मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा, “महिलाओं और युवतियों के खिलाफ छेड़छाड़ या अन्य अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। कोरबा पुलिस और उनकी पूरी टीम ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई कर रही है।”

एसपी तिवारी ने जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर बिना डर या झिझक के तत्काल पुलिस को सूचित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस ऐसे संवेदनशील मामलों में पूरी गोपनीयता बरतती है, जिससे पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रहती है। उन्होंने कहा, “बदनामी से न डरें और ऐसे कृत्य करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दें। आपकी एक शिकायत से अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच सकते हैं।”

कोरबा पुलिस ने हाल के दिनों में कई छेड़छाड़ के मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। कथित आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास गश्त बढ़ा दी है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर और महिला सुरक्षा सेल के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान भी शुरू किया है, ताकि पीड़ित आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें।

एसपी तिवारी ने समाज से भी इस मुहिम में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा, “सुरक्षित कोरबा तभी बन सकता है, जब समाज और पुलिस मिलकर काम करें। अभिभावकों, शिक्षकों और सामुदायिक संगठनों को चाहिए कि वे लड़कियों को निर्भय होकर शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करें।” सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवतियां अपनी सुरक्षा के लिए सशक्त बन सकें।

कोरबा में छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती और सक्रियता से अपराधियों में डर पैदा हो रहा है। यह जरूरी है कि पीड़ित बिना डर के आगे आएं और समाज इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाए। कोरबा पुलिस की इस पहल से महिलाओं और युवतियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया है।

संपर्क सूत्र: छेड़छाड़ या अन्य अपराधों की शिकायत के लिए कोरबा पुलिस कंट्रोल रूम (07759-22222) या महिला हेल्पलाइन नंबर (1091) पर संपर्क करें।