प्रमाण पत्र समय पर बने, यह जिम्मा लोक सेवा केन्द्रों का

कोरबा। जिले में संचालित हो रहे लोक सेवा केन्द्रों की अहम जिम्मेदारी यह है कि जाति, निवास,  आमदनी, जन्म और अन्य प्रमाण पत्रों को लेकर आवेदन और आगे की प्रक्रिया पूरी कराने का काम सही समय पर हो। हितग्राहियों को यहां से बेहतर सेवाएं प्राप्त होना चाहिए ताकि उनका भरोसा जीता जा सके।

कलेक्टर अजीत वसंत ने टीएल की बैठक में यह निर्देश स्पष्ट रूप से दिए और कहा कि कोई भी आवेदन निरस्त न हो और वापसी न हो, इसके लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर को निर्देशित करें कि वह आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड करें। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि स्कूली विद्यार्थियों सहित आंगनबाड़ी केंद्र से इस सत्र में विद्यालय जाने वाले आरक्षित वर्ग के बच्चों का जाति प्रमाणपत्र 16 जून से पूर्व बन जाए।

कलेक्टर ने विभागीय जाँच के प्रकरणों में हुई कार्यवाही की जानकारी ली। सीएसईबी चौक में यात्रियों की सुविधा हेतु प्रसाधन कक्ष बनाने के लिए नगर निगम को निरीक्षण के निर्देश दिए। बलसेन्धा से माली कछार सहित अन्य दूरस्थ ग्रामों में विद्युतीकरण, बाल सम्प्रेषण गृह के संचालन और पहुँच मार्ग, आटोमेटेड ट्रैक निर्माण के लिए आरटीओ, भैसमा तहसीलदार और हाऊसिंग बोर्ड को निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिले में नए आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु अलग डिजाइन तैयार कराने के निर्देश दिए। बैठक में नर्सिंग भवन, लाइब्रेरी निर्माण, दूरस्थ क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था, सखी वन स्टॉप, अधिवक्ता भवन, अंत्यावसायी विभाग अंतर्गत ऋण प्राप्त कर राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों से राशि वसूली के संबंध में निर्देश दिए। 

इस दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग,अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, मनोज कुमार बंजारे सहित सभी एसडीएम, अधिकारी उपस्थित थे।


15 दिन में काम नहीं तो नपेंगे पटवारी
प्रशासन ने यह भी कहा कि नक्शा-बटांकन के लंबित कार्यों को दो माह में पूरा किया जाए। आगामी 15 दिवस के भीतर जिन हल्को में कार्य नहीं हो रहा होगा,उन हल्कों के पटवारियों के विरुद्ध कार्यवाही होगी।

कहा गया कि विवादित और मसाहती वाले प्रकरणों को छोडक़र अन्य क्षेत्रों के नक्शा बटांकन कार्य में प्रगति लाने और त्रुटि सुधार के प्रकरणों में 15 दिवस के भीतर कार्यवाही करें। 3 से 4 साल वाले पुराने राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से पूरा करना होगा।