गेवरा खदान में कोयला स्टॉक बना रणभूमि, वर्चस्व की लड़ाई में चाकूबाजी और मारपीट

कोरबा। विश्व की प्रमुख कोयला खदानों में शुमार एसईसीएल की गेवरा खदान का बी-2 कोयला स्टॉक मंगलवार सुबह हिंसा का केंद्र बन गया। कोयला उठाव और वर्चस्व को लेकर दो गुटों में चाकूबाजी और मारपीट की घटना ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

दीपका पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, हमलावर कुसमुंडा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेसी पार्षद के करीबी हैं।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे गेवरा माइंस के बी-2 कोल स्टॉक में बल्ला, चंदन, रवि, बंधन और अन्य ने मुंडियानार भिलाई बाजार निवासी रविशंकर कंवर और छिंदपुर निवासी ईश्वर अनंत पर हमला किया। घायल रूंगटा कंपनी से जुड़े बताए जा रहे हैं।

कोयला लोडिंग को लेकर आए दिन होने वाले विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं। घटना की सूचना पर डायल 112 के जरिए दीपका पुलिस मौके पर पहुंची और धारा 294, 223, 34 के तहत मामला दर्ज किया। बलवा की धारा भी जोड़ी जा सकती है।

सीआईएसएफ की तैनाती के बावजूद असामाजिक तत्वों का खदान में प्रवेश सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन की लापरवाही के चलते बिना अनुमति और पास के लोग भीतर घुस जाते हैं।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि खदान में प्रवेश करने वालों के लिए स्कैन योग्य, रंग-कोडेड पहचान-पत्र अनिवार्य किए जाएं।

घटना के पीछे लोडिंग इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति भी जिम्मेदार मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नाइट शिफ्ट इंस्पेक्टर की मौजूदगी से यह घटना टल सकती थी।

इसके अलावा, कोल स्टॉक में अच्छे कोयले के लिए लिफ्टरों के बीच होड़ और ट्रकों पर कब्जे की घटनाएं भी विवाद का कारण बन रही हैं।

एसईसीएल प्रबंधन से सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।