लंबित मामलों पर एसईसीएल, प्रशासन और ग्रामीणों की बैठक

घटते क्रम से देंगे रोजगार, मॉडल पुनर्वास ग्राम की होगी स्थापना

कोरबा। एसईसीएल की दीपका मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ी बाधाएं दूर की जा रही है। एक बैठक में तय हुआ कि विस्थापितों को घटते क्रम से रोजगार देने के साथ बसाहट के लिए मॉडल पुनर्वास ग्राम स्थापित किया जाएगा।


कलेक्ट्रेट में कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना समिति की बैठक में लंबित मामलों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।


बैठक में कोल इंडिया की पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना पॉलिसी 2012 तथा आदर्श पुनर्वास नीति छत्तीसगढ़ 2007 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा कर कोल इंडिया की पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना पॉलिसी 2012 पर ग्राम हरदीबाजार के भू-विस्थापित/खातेदार द्वारा सहमति जताई गई।

सीएमडी हरीश दुहन के नेतृत्व में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा सभी परियोजनाओं विशेषकर मेगा परियोजनाओं में राज्य एवं जिला शासन के साथ समन्वय स्थापित कर भू-अधिग्रहण एवं पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन में तेज़ी लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षमता अनुरूप कोयला उत्पादन हो सके।

बैठक में राज्य-शासन के अनुविभागीय अधिकारी (रा.), पाली श्रीमती सीमा पात्रे, दीपका क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक संजय कुमार मिश्रा, महाप्रबंधक (संचालन) पी.मुखर्जी,विष्णु पैकरा,तहसीलदारहरदीबाजार,नोडलअधिकारी(भू-राजस्व), दीपका क्षेत्र के भू-राजस्व विभाग के कर्मचारी, एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुरकेभू-राजस्वकेअधिकारीगण,ग्रामसरपंच हरदी बाजार, जनपद सदस्य, पंच एवं ग्राम हरदीबाजार के ग्रामीणों के साथ क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल एवं भूतपूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने भी हिस्सा लिया।