सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने निगम का एनटीपीसी के साथ एमओयू

11 बड़़े नालों का दूषित पानी हसदेव में, इसलिए बनाई योजना

कोरबा। छत्तीसगढ़ का प्रथम सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कोरबा जिले में बनेगा। इसकी क्षमता 20 एमएलडी की होगी। ऐसा प्लांट बनाने वाला कोरबा 12वां शहर होगा। नगर निगम और एनटीपीसी मिलकर इस काम को करेंगे। इसके लिए इनके बीच एमओयू साइन हुआ है।


नगर निगम के सभाकक्ष में इस योजना के मसौदे पर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, मेयर संजूदेवी राजपूत और एनटीपीसी के जीएम राजीव खन्ना ने हस्ताक्षर किए। बताया गया कि कोरबा शहर में 11 ऐसे बड़े नाले हैं, जिनके माध्यम से सम्पूर्ण कोरबा शहर से उत्सर्जित होने वाले दूषित जल की निकासी होती है, यह दूषित जल इन नालो से होकर सीधे हसदेव नदी में समाहित  होता हैं।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के दिशा निर्देशों के अनुरूप हसदेव नदी के जल को दूषित होने से रोकने तथा इन 11 बड़े नालों से उत्सर्जित दूषित जल का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट की आवश्यकता को देखते हुए, नगर पालिक निगम कोरबा ने प्लांट निर्माण की दिशा में ठोस कार्यवाही की।

कहा जा रहा है कि जल्द ही 20 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अब मूर्त रूप लेगा तथा हमारा कोरबा शहर इस क्षेत्र में देश के 12 शहरों में शामिल हो जाएगा। एनटीपीसी के परियोजना प्रमुख राजीव खन्ना ने बताया कि एसटीपी निर्माण से एक ओर जहां जीवनदायिनी हसदेव नदी के जल को दूषित होने से रोका जा सकेगा। वहीं दूसरी ओर प्रतिदिन उत्सर्जित करोड़ों लीटर दूषित जल का पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण हेतु सम्पूर्ण राशि एनटीपीसी कोरबा के द्वारा वहन किया जाएगा।

इस अवसर पर अपर आयुक्त विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूवा, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, राहुल मिश्रा, रमेश सूर्यवंशी, प्रमोद जागत, तकनीकी सलाहकार नितिन पुरानिक एवं एनटीपीसी के शशि शेखर, मनोज कुमार रजक, शैलेन्द्र कुमार यादव, जीवाराज जाट, शंशांक के साथ ही अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।