कटघोरा कृषि उपज मंडी में रॉयल्टी घोटाला, सरकार को करोड़ों का नुकसान

कोरबा। कटघोरा कृषि उपज मंडी में रॉयल्टी के नाम पर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाकर राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मंडी अधिकारियों की मिलीभगत से रेत और गिट्टी की रॉयल्टी में अनियमितताएं उजागर हुई हैं, जिसकी जांच की मांग उठ रही है।

रॉयल्टी में अनियमितताएं

गलत दरें: खनिज विभाग के अनुसार, कटघोरा मंडी रॉयल्टीदाता सूची में नहीं है। फिर भी, रेत की रॉयल्टी 50 रुपये/क्यूबिक मीटर और गिट्टी की 150 रुपये/क्यूबिक मीटर वसूली जा रही है, जबकि शासन की दरें क्रमशः 234 रुपये और 531 रुपये हैं।

क्लीयरेंस की कमी: ठेकेदारों से रॉयल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं लिया जा रहा, जो कलेक्टर से लेना अनिवार्य है।

वित्तीय नुकसान: बिल से काटी गई राशि कलेक्टर कार्यालय में जमा होती है, लेकिन कम दरों के कारण शासन को भारी हानि हो रही है।

ढांचागत कार्यों में लापरवाही

मंडी में रेत, गिट्टी, मिट्टी, और मुरुम का उपयोग ढांचागत कार्यों में होता है, लेकिन निर्धारित रॉयल्टी नहीं वसूली जा रही। यह लापरवाही और भ्रष्टाचार का संकेत है।

जांच की मांग

स्थानीय लोग और संगठन इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारी-ठेकेदार सांठगांठ से शासन को नुकसान हो रहा है। गहन जांच से बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है।