कोरबा।कोयलांचल क्षेत्र में गर्मी की शुरुआत के साथ पेयजल संकट गहरा गया है। एसईसीएल द्वारा प्रभावित गांवों में पानी आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए गए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि टैंकरों से नियमित आपूर्ति नहीं हो रही। दीपका और गेवरा क्षेत्रों के टेंडरों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, जिसकी जांच की मांग उठ रही है।
टेंडर और शिकायतें
दीपका क्षेत्र: टेंडर संख्या NIT.NO.SECL/DA/CIV/e-TENDAR/24-25/33 (27/05/2024) के तहत 93 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति का प्रावधान। गांवों का उल्लेख नहीं, आपूर्ति अनियमित।
गेवरा क्षेत्र: टेंडर संख्या NIT.NO.SECL/GA/GM(C)ETN/24-25/133 (13/12/2024) के तहत सराईसिंगर, हरदीबाजार, रलिया आदि गांवों के लिए 78 लाख रुपये का टेंडर। ग्रामीणों का दावा- टैंकर नहीं पहुंचते या खानापूर्ति होती है।
छोटे टेंडर (4-5 लाख रुपये) भी जारी, लेकिन आपूर्ति में कमी।
पर्यावरणीय प्रभाव
एसईसीएल के कोयला खनन से भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है। कुएं, तालाब, हैंडपंप, और बोर सूख गए, जिससे पेयजल और निस्तार के लिए गंभीर संकट पैदा हुआ है। ग्रामीणों को पानी खरीदना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और संगठनों की मांग
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने एसईसीएल को ज्ञापन सौंपकर मांग की:
टेंडरों की उच्च स्तरीय जांच।
ठेकेदारों पर कार्रवाई।
प्रभावित गांवों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति।
समिति अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा, “करोड़ों रुपये के टेंडर के बावजूद ठेकेदारों को बिना आपूर्ति लाभ पहुंचाया जा रहा। यह भ्रष्टाचार का मामला है।”
Editor – Niraj Jaiswal
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