कलेक्टर ने पीएचई के कार्यों की समीक्षा की

जिन पंचायतों को 80 फीसदी भुगतान हुआ, उनका करें सत्यापन

कोरबा। कोरबा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में हुए कार्यों के लिए जिन ठेकेदारों को लगभग 80 प्रतिशत भुगतान हो चुका है, उनका सत्यापन कराया जाए। पीएचई के ईई को यह काम कराना होगा।

प्रशासन ने इस बात पर नाराजगी भी जताई है कि अनेक मामलों में हर घर जल प्रमाणीकरण अंतर्गत पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी है।


शुक्रवार को कलेक्टर अजीत वसंत ने पीएचई के कार्यों की समीक्षा बैठक में यह बात कही और प्रगतिरत सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने व एकल ग्राम और समूह नलजल प्रदाय योजना की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत एतमानगर मल्टीविलेज जल आपूर्ति योजना में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश देते हुए पाइप लाइन बिछाने में राष्ट्रीय राजमार्ग में एनओसी की आवश्यकता के लिए पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए।

कहा गया कि पंप आधारित मिनी जल प्रदाय योजनाओं में लोगों को पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। जिले की सभी 524 आरसीसी पानी टंकी निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया और 100 नल जल योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए बीते माह में दिए गए लक्ष्य को पूरा नहीं करने पर कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा के एसडीओ को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में जिम्मेदारी के साथ लोगों के घरों तक गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, लोक सेवा यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियन्ता रमन कुमार सहित सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।