सुशासन तिहार के आवेदनों पर गंभीरता दिखाएं अधिकारी

सीसी रोड के आवेदन नहीं आए मतलब विकास हुआ

कोरबा। कोरबा जिले में सुशासन तिहार का पहला चरण संपन्न हो गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि ऐसे आवेदनों पर गंभीरता दिखाएं और निराकरण में रूचि लें।


समीक्षा बैठक में प्रभारी सचिव डॉ. रोहित यादव ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों को विभाग के अधिकारी आम जनता की आवेदनों को पढ़े। उनकी मांग और समस्याओं को समझते हुए उचित निराकरण करें। राज्य शासन की मंशा है कि लोगों की समस्याओं का समय पर उचित समाधान हो। सुशासन तिहार एक माध्यम है और इस माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निराकरण होने से आमजनता और शासन-प्रशासन के बीच विश्वास का वातावरण बनेगा। लोगों की समस्याएं दूर होंगी।

प्रभारी सचिव डॉ. रोहित यादव ने जिले के अनेक शिविरों का अवलोकन और ग्रामीणों से हुई चर्चा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि शिविर में सीसी रोड जैसी मांगे नहीं आ रही है। पहले इस तरह की मांगें ज्यादा आती थीं। समय के साथ हुए विकास कार्यों और लोगों की मानसिकता में हुए बदलाव का परिणाम है कि अब ग्रामीणों द्वारा शौचालय निर्माण के लिए भी आवेदन दिए जा रहे हैं। आम जनता से मिले आवेदनों से सीख लेकर भविष्य की योजनाएं बनाई जा सकती है। उनकी आवश्यकताओं को दूर किया जा सकता है। इसलिए सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर सुशासन तिहार के आवेदनों का निराकरण समय पर सुनिश्चित करेंगे। 


इंसानों व हाथियों की जान बचाएं
प्रभारी सचिव डॉ. यादव ने जिले के कटघोरा और कोरबा वनमंडल में हाथियों के विचरण तथा जानमाल के नुकसान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वन विभाग और विद्युत विभाग आपस में समन्वय बनाकर रखे। इंसान और वन्य जीवों को नुकसान न हो,इस दिशा में कार्य करें।

वन्य प्राणी विद्युत तार के संपर्क में न आये और जहाँ सुरक्षा के नाम पर शिकार के लिए करंट प्रवाहित किया जाता है उस पर भी अंकुश लगाते हुए ग्रामीणों में जनजागरूकता लाएं। डॉ. यादव ने हाथी और मनावद्वन्द को रोकने की दिशा में लगातार कार्य करने तथा हाथी विचरण क्षेत्र में ग्रामीणों को जाने से रोकने के निर्देश दिए।