कोरबा। न्यायालयीन कामकाज से जुड़े पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए इन दिनों परेशानी बढ़ गई है। कोरबा समेत पूरे छत्तीसगढ़ के कोषालयों में ₹1, ₹2, ₹5 और ₹10 मूल्यवर्ग के कोर्ट फी टिकट उपलब्ध नहीं हैं। वहीं कोर्ट फी (कॉपींग) टिकट की उपलब्धता भी बेहद सीमित हो गई है।
टिकट नहीं मिलने से प्रतिलिपि प्राप्त करने, आवेदन और अन्य जरूरी न्यायालयीन प्रक्रियाओं में दिक्कतें सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले करीब तीन दिनों से कोषालयों में इन टिकटों का स्टॉक खत्म है। स्थिति यह है कि अधिकृत वेंडरों के पास भी टिकट उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में पक्षकारों और अधिवक्ताओं को जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नकल आवेदन से लेकर वकालतनामा तक पर असर
कोर्ट फी और कॉपींग टिकट की जरूरत प्रतिलिपि यानी नकल प्राप्त करने, विभिन्न आवेदन, केस फाइल, अनुपस्थिति माफी आवेदन और वकालतनामा सहित कई न्यायालयीन प्रक्रियाओं में पड़ती है। इसके अलावा जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र से संबंधित शपथ पत्र तथा बी-1, खसरा, पांचशाला, मिसल आदि दस्तावेजों की प्रतिलिपि प्राप्त करने में भी इन टिकटों की आवश्यकता होती है।
टिकट उपलब्ध नहीं होने से अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जरूरी दस्तावेजों की नकल और अन्य प्रक्रियाएं समय पर कैसे पूरी होंगी। इसका असर उन सेवाओं पर भी पड़ने की चिंता है, जो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराई जानी हैं।
18 सितंबर को कलेक्टर ने भेजा था पत्र
टिकटों की कमी की समस्या अचानक सामने नहीं आई है। 18 सितंबर 2026 को कोरबा कलेक्टर की ओर से महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ को पत्र भेजकर जिले में टिकटों की स्थिति से अवगत कराया गया था।
पत्र के अनुसार, उस समय जिला कोषालय कोरबा में ₹1, ₹2, ₹5 और ₹10 के कोर्ट फी टिकट का स्टॉक निरंक था। वहीं कोर्ट फी कॉपींग टिकट के रूप में केवल ₹6,075 का स्टॉक उपलब्ध था।
बताया गया है कि कोषालय की ओर से कॉपींग टिकट के लिए ₹19.20 लाख की मांग भेजी गई थी, लेकिन नोडल डिपो रायपुर से 4 जून को ₹80 हजार और 23 जुलाई को ₹1.76 लाख, यानी कुल ₹2.56 लाख के टिकट ही प्राप्त हुए। इसके बाद स्टॉक लगातार कम होता गया।
अब स्टॉक सिर्फ ₹275, आगे आपूर्ति का इंतजार
कलेक्टर के पत्र में यह भी उल्लेख था कि कोर्ट फी टिकट पूरी तरह खत्म हो चुके थे और कॉपींग टिकट का उपलब्ध स्टॉक महज ₹275 रह गया था। नोडल डिपो से चर्चा के दौरान बताया गया था कि टिकटों का मुद्रण प्रक्रियाधीन है।
अब स्थिति यह है कि नोडल डिपो से भी तत्काल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में जिले के वेंडरों के सामने भी टिकट उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है।
नासिक की सरकारी प्रिंटिंग प्रेस से आपूर्ति का इंतजार
जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कोर्ट फी और कॉपींग टिकट की आपूर्ति नासिक स्थित शासकीय प्रिंटिंग प्रेस से होती है। वहां मुद्रण के बाद राज्य के नोडल डिपो और फिर जिलों के कोषालयों तक टिकट पहुंचते हैं।
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल टिकटों का मुद्रण चल रहा है और अक्टूबर के पहले सप्ताह तक आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, तब तक टिकटों की कमी के कारण न्यायालयीन प्रक्रियाओं और संबंधित समयबद्ध सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अधिकारी बोले- पूरे प्रदेश में है कमी
जिला कोषालय अधिकारी निशांत पांडेय ने बताया कि कोर्ट फी और कोर्ट फी (कॉपींग) टिकट की अनुपलब्धता के संबंध में मुख्यालय से पत्राचार किया जा चुका है। पूरे प्रदेश में उपलब्धता नहीं होने के कारण कोरबा को भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उनके अनुसार नासिक स्थित शासकीय प्रिंटिंग प्रेस में मुद्रण प्रक्रिया जारी है और अक्टूबर के पहले सप्ताह तक टिकट उपलब्ध होने की उम्मीद है।
फिलहाल टिकटों की कमी ने न्यायालयीन दस्तावेजों से जुड़े रोजमर्रा के कामकाज के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
अब नजर इस बात पर है कि नासिक से नई खेप कब रवाना होती है और कोरबा समेत प्रदेश के जिलों में टिकटों की नियमित आपूर्ति कब बहाल होती है।
Editor – Niraj Jaiswal
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