सारथी, सहीस व थनवार जाति का बनें अजा प्रमाण पत्र : सहीस

कोरबा। सहीस समाज सेवा समिति कोरबा के अध्यक्ष लखनलाल सहीस ने रविवार को प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रवार्ता में कहा कि राजस्व रिकार्ड में अंकित जाति घासी, घसिया के आधार पर सूत सारथी, सारथी, सहीस और थनवार जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनाया जाए।


लखनलाल सहीस ने कहा कि 6 मई 2016 को भारत सरकार ने असाधारण राजपत्र द्वारा विभिन्न राज्यों के अनुसूचित जाति, जनजाति, संविधान संशोधन अधिनियम 2016 प्रसारित किया। संशोधन में छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति घासी, घसिया के साथ सईस, सहीस, सारथी, सूत-सारथी एवं थनवार को प्रतिस्थापित किया, जिसे छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को अनुपालन हेतु परिपत्र जारी किया गया।

परिपत्र जारी करने के बाद जाति प्रमाण पत्र बनाने में तकनीकी कठिनाई हुई क्योंकि प्रतिस्थापित जातियों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने संबंधी मिसल दस्तावेज में उक्त जाति अंकित ही नहीं है।

उक्त परिपत्र को आधार मानकर सहीस समाज द्वारा भी सरल कमांक 25 में पूर्वजों के राजस्व रिकार्ड में अंकित जाति घासी/घसिया के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने हेतु, परिपत्र जारी करने निवेदन किया गया, जिसे छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकार कर 16 जनवरी 2025 को उपरोक्त जातियों की अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने को परिपत्र जारी किया गया है।

इस परिपत्र को जारी करवाने के लिए सहीस समाज सेवा समिति को लगभग 7 वर्ष तक निरंतर प्रयास करने पर सफलता प्राप्त हुई है जिसे क्रियान्वित कराने के लिए  कलेक्टरों एवं जाति प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों को सूचित हो और क्रियान्वित किया जावे।

उन्होंने कहा कि  हम सुप्रिम कोर्ट के 7 जजों की खण्डपीठ द्वारा अनु जाति, जनजाति के पिछड़े एवं उपेक्षित जातियों को आरक्षण में आरक्षण देने संबंधी फैसले के तहत समाज द्वारा सहीस, सारथी समाज को भी अनुसूचित जाति में निर्धन एवं पिछड़ी मानकर अनुसूचित जाति में विशेष आरक्षण दिलवाने में सहयोग करे।

प्रेस वार्ता में समाज के गंगाराम सागर, विजय प्रकाश सहीस,कैलाश मोंगरे, आशीष सुमेर,शिव कुमार सहीस, गजपति बंछोर उपस्थित थे।