राखड़ उडऩे से त्रस्त ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद हुआ समाप्त

कोरबा। एचटीपीएस पावर प्लांट के नवागांव-झाबू राखड़ डेम से उडऩे वाली राखड़ से त्रस्त ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। राखड़ के प्रदूषण से सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और बीमारियों की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने राखड़ परिवहन करने वाले वाहनों को रोक दिया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।


लगभग चार घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रबंधन के उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार जब राख उड़ती है। तो प्रबंधन अपने वादे लेकर पहुंच जाता है लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।

पिछली बार कटघोरा के तत्कालीन विधायक पुरुषोत्तम कंवर भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे थे, तब प्रबंधन ने सडक़ मरम्मत सहित कई विकास कार्यों का आश्वासन दिया था लेकिन जो सडक़ बनाई गई, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब थी कि कुछ ही महीनों में उखडऩे लगी और अब सडक़ के बीचो-बीच दरारें आ गई हैं।

लगातार विरोध को देखते हुए एचटीपीएस प्रबंधन के अधिकारी राजेश पांडे ने मौके पर ही महत्वपूर्ण निर्णय लिए जिसमें राखड़ डेम में पानी छिडक़ाव के लिए तत्काल संयंत्र के फायर दमकल वाहन को बुलवाया गया और छिडक़ाव शुरू कराया गया। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में राखड़ डेम पर नियमित पानी छिडक़ाव किया जाए, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जाएं।

स्कूलों में विशेष सुरक्षा उपाय किए जाएं। राखड़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जाए। एनटीपीसी की तर्ज पर प्रभावित ग्रामीणों को सहायता दी जाए। ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि अगर 15 दिनों में प्रबंधन ने अपने वादों को पूरा नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।