पीएम विश्वकर्मा योजना में प्रशिक्षण के साथ मिला औजार

कोरबा । मिट्टी के घड़े, सुराही, गुल्लक सहित बच्चों के खेल-खिलौने तैयार करने वाले कुम्हार रामकुमार प्रजापति अपने जिस परम्परागत व्यवासाय से जुडक़र पैरों पर खड़े थे, एक दिन तेज आंधी ने उनके पैरों को ऐसा जख्म दिया कि उनका व्यवसाय ही चौपट नहीं हुआ अपितु इस व्यवसाय से किनारा कर सदा के लिए मुख्य मोड़ लेने का भी मन बन गया।


जिले के पाली विकासखंड के ग्राम मादन में रहने वाले रामकुमार प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भी आवेदन दिया। उद्योग विभाग से चिन्हांकन और लाइवलीहुड कॉलेज में एक सप्ताह तक आजीविका को बढ़ाने प्रशिक्षण दिया गया। चूंकि अपने व्यवसाय को छोडक़र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था, इसलिए योजना में प्रशिक्षण के दौरान स्टायफंड की व्यवस्था भी दी।

रामकुमार ने बताया कि एक बार बाजार में सामान बेचते समय तेज आंधी चली, इस दौरान झोपड़ी टूट जाने से उसका दायां पैर बुरी तरह से चोटिल हो गया और वह तब से ठीक से खड़ा ही नहीं हो पाया। इस बीच अपने व्यवसाय में बहुत अधिक लाभ नहीं मिलने और किसी प्रकार का प्रोत्साहन व संबल नहीं मिलने से भी आने वाले दिनों में इससे नाता तोडऩा चाहता था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना लागू किए जाने और परम्परागत व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन दिये जाने से मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं और जीवनयापन के इस माध्यम को उत्साह के साथ करने लगा हूं।

कुम्हार राम कुमार ने बताया कि वह पाली क्षेत्र के बाजारों में अपनी दुकान लगाता है, इससे उसका जीवनयापन होता है।