नेशनल लोक अदालत में 19582 प्रकरणों का हुआ निराकरण

कोरबा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा जिला एवं तहसील स्तर पर 14 दिसंबर को सभी मामलों से संबंधित नेशनल लोक अदालत का आयोजन सत्येंद्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में किया गया।

नेशनल लोक अदालत में कुल 25341 प्रकरण रखे गये थे, जिसमें न्यायालयों में लंबित प्रकरण 4889 एवं प्री-लिटिगेशन के 20452 प्रकरण थे। राजस्व मामलों के प्रकरण, प्री-लिटिगेशन प्रकरण तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के कुल प्रकरणों सहित 19582 प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत में समझौते के आधार पर हुआ। 


वृद्ध महिला को मिला जीने का सहारा
न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय कोरबा में विचाराधीन एक प्ररकण में आवेदिका जो अनावेदक की वृद्ध माता है, के द्वारा दिए आवेदन के अनुसार वर्ष 2018 में पति के मृत्यु के पश्चात एसईसीएल विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदिका ने अपने अनावेदक पुत्र को मासिक वेतन के 50 प्रतिशत भरण-पोषण हेतु प्रदाय किए जाने के शर्त पर नामित किया तथा अनावेदक को नौकरी मिल जाने पर आवेदिका तथा परिवार के अन्य सदस्य साथ में रहने लगे। कुछ समय पश्चात नौकरी मिल जाने के बाद अनावेदक अपने वादे के मुकर गया और वृद्ध माता एवं अन्य सदस्यों को भरण-पोषण प्रदान करना बंद कर दिया। प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक पुत्र ने हाईब्रीड नेशनल लोक अदालत में संयुक्त रूप से समझौता कर आवेदन पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें हाइब्रीड नेशनल लोक अदालत का लाभ लेते हुए आवेदकगण ने तीस हजार रूपये बिना किसी डर-दबाव के प्रत्येक माह भरण-पोषण प्रदाय किए जाने हेतु राजीनामा किया जिसे अनावेदक आवेदिका के बैंक खाते में प्रत्येक माह के 10 तारीख तक सीधे जमा किए जाने अथवा भुगतान किए जाने का निर्देश दिया गया। इस प्रकार बेसहारा परिवारजनों को जीवन जीने का एक सहारा नेशनल लोक अदालत ने प्रदान किया।