फ्लोरा मैक्स के 63 ब्रांचों पर पुलिस लगा रही ताला

कोरबा। फ्लोरा मैक्स कंपनी के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का झांसा देकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों से लोन निकलवाने के बाद इसकी भरपाई नहीं करने से जहां महिलाएं कर्ज में डूब गई हैं और बैंकों द्वारा की जा रही वसूली की कार्रवाई से काफी व्यथित हैं। जांच के दौरान पुलिस को फ्लोरा मैक्स के 63 ठिकानों का पता चला है जिसकी सूची तैयार की गई है। पुलिस ने रजगामार सहित फ्लोरा मैक्स के 21 दफ्तरों को सील किया है। प्रकरण में अपराध दर्ज कर लगभग 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनकी संपत्तियों का पता लगाया जा रहा है।


कोतवाली टीआई मोतीलाल पटेल ने बताया कि फ्लोरा मैक्स के सभी 63 दफ्तरों को सील कर रिकॉर्ड जप्त किए जा रहे हैं। रजगामार सहित फ्लोरा मैक्स के 21 दफ्तरों को सील किया है। गुरुवार को सिटी कोतवाली की टीम ने रजगामार में फ्लोरा मैक्स के टीम लीडर के यहां दबिश दी। उनके द्वारा जिस दुकान में फ्लोरा मैक्स कंपनी की ब्रांच संचालित की जा रही थी, उसकी पड़ताल करते हुए सील बंद करने की कार्रवाई की गई।

यहां से कुछ रिकॉर्ड भी ले जाए जाने की खबर है। सीलबंदी के बाद पुलिस ने इन दोनों को कोतवाली तलब किया है। टीम लीडर द्वारा रजगामार सहित आसपास के क्षेत्र केराकछार, गोड़मा व अन्य इलाकों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का कारोबार किया गया है। कंपनी के द्वारा इन्हें प्रोत्साहन के तौर पर एक स्कूटी और एक इको कार कालांतर में भेंट की गई थी।

रजगामार की महिलाओं ने इस मामले को लेकर जब मुख्यमंत्री के पास जाकर गुहार लगाई तब धीरे-धीरे अन्य लोगों को ठगी का पता चला और आज यह प्रदेश का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।

इस मामले में कोरबा जिले से सर्वप्रथम और एकमात्र पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने पत्र लिखकर सीबीआई जांच कराने की भी मांग की है।

सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 703/24 धारा 318(2), 318(4), 336, 338,3(5) बीएनएस एवं 6,10 छ.ग. निक्षेपको के संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत अपराध दर्ज है।