मौसम बिगड़ने से रुका धान कटाई का काम, 18 दिन में केवल 4 फीसदी हुई खरीदी

कोरबा । जिले में चक्रवर्ती तूफान फेंगल के असर के कारण शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बौछार पड़ी। मौसम को देखते हुए धान की कटाई भी प्रभावित हुई है। आशंका जताई जा रही है कि आगे धान खरीदी पर भी असर पड़ेगा। धान कटाई चलने की वजह से 18 दिनों में 4 प्रतिशत खरीदी हो सकी है। अधिकतम तापमान 4 डिग्री गिरकर 25 और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री पर पहुंच गया। दूसरे दिन भी बौछार पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

जिले में पिछले तीन दिन से चक्रवाती तूफान के कारण बदली छाई हुई है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आ रही है और न्यूनतम तापमान बढ़ रहा है। अब दिन में ठंड और रात गर्म हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अभी चक्रवाती तूफान का असर रहेगा। अभी धान की कटाई 20 प्रतिशत बाकी है, लेकिन किसान अब भी धान की मिजाई नहीं कर पाए हैं। कटाई करने के बाद खेत में ही ढेर कर रखे हैं। मैदानी क्षेत्र में किसानों की चिंता सबसे अधिक है। बारिश में भीगने पर फसल खराब भी हो सकती है। हालांकि बूंदाबांदी के कारण अधिक प्रभावित नहीं होगी। धान की कटाई में देरी के कारण ही खरीदी भी प्रभावित हुई है।


65 केंद्रों में धान बेचने 53 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। इस साल 31 लाख क्विंटल धान खीति करने का लक्ष्य है। अब तक करीब 1 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इस महीने के दूसरे पखवाड़े में धान खरीदी में तेजी आएगी। मौसम विभाग का मानना है कि बुधवार से अधिकतम तापमान बढ़ने के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। इसके बाद फिर से ठंड बढ़ेगी। अगले सप्ताह के शुरुआत में बौछार पड़ सकती है। करतला, बरपाली, पाली, कटघोरा क्षेत्र में भी हल्की बौछार पड़ी।