15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 10 नवंबर से कटेंगे टोकन

सभी 73 उपार्जन केंद्र तैयार, अवैध धान की आवक रोकने 9 चेकपोस्ट और 13 उड़नदस्ता दल तैनात

कोरबा।खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। प्रशासन ने जिले के सभी 73 उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। वहीं, किसानों को धान बेचने के लिए 10 नवंबर से ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से टोकन मिलने शुरू हो जाएंगे। खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, अवैध धान की आवक रोकने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी का व्यापक इंतजाम किया है।

धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा के लिए खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक ली।

इसमें कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले में की गई तैयारियों और खरीदी व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी उपार्जन केंद्रों में खरीदी के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। मार्कफेड और मिलर्स के माध्यम से समितियों में पर्याप्त मात्रा में नए एवं पुराने बारदाने भी पहुंचा दिए गए हैं।

3 केंद्र अति संवेदनशील, 18 पर रहेगी विशेष निगरानी
पिछले वर्षों में खरीदी के दौरान अनियमितता सामने आने अथवा एफआईआर दर्ज होने वाले 3 उपार्जन केंद्रों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। वहीं, धान खरीदी की मात्रा, पंजीकृत रकबे और किसानों की संख्या में वृद्धि वाले 18 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति कर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

जिले के सभी 73 उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही सभी 60 समितियों में स्थानीय निगरानी समितियों का गठन किया गया है। पूरी खरीदी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए जिला कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। अपर कलेक्टर को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है।

बाहरी धान रोकने 9 चेकपोस्ट, 13 उड़नदस्ता दल गठित
दूसरे जिलों से अवैध रूप से धान लाकर बेचने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में 9 चेकपोस्ट बनाए हैं। यहां तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए एक जिला स्तरीय तथा 12 तहसील स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ता दल) गठित किए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी अवैध धान के परिवहन, भंडारण और खरीदी में गड़बड़ी पर नजर रखना होगा।

तुहर टोकन ऐप से 24 घंटे मिलेगी सुविधा
किसानों को टोकन के लिए समितियों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए 10 नवंबर से ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन जारी किए जाएंगे। ऐप की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। किसान अपनी सुविधा के अनुसार 15 जनवरी 2027 तक धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे। प्रतिदिन जारी होने वाले कुल टोकन में 70 प्रतिशत टोकन ऐप के माध्यम से और शेष 30 प्रतिशत टोकन संबंधित समितियों के जरिए जारी किए जाएंगे।

धान नहीं बेचने वाले पात्र किसानों को भी मिलेगी सहायता
समीक्षा बैठक में खाद्य सचिव ने कृषक उन्नति योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस वर्ष योजना के तहत पंजीकृत किसानों को आदान सहायता राशि धान विक्रय की मात्रा के आधार पर नहीं, बल्कि धान के पंजीकृत रकबे के आधार पर दी जाएगी।

यानी निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले ऐसे किसान भी सहायता राशि के हकदार होंगे, जो इस वर्ष धान का विक्रय नहीं करेंगे। वहीं, धान बेचने वाले किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के साथ अतिरिक्त सहायता राशि भी उनके बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर कलेक्टर, जिला खाद्य अधिकारी जी.एस. कंवर, उप पंजीयक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी तथा जिला विपणन अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।