सफाई में लापरवाही पर निगम की कार्रवाई, दो ठेकेदारों पर 20 हजार का जुर्माना

कहीं कचरा नहीं उठा तो कहीं सफाई मिली असंतोषजनक,आयुक्त ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कोरबा। शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाली ठेका एजेंसियों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती दिखाई है। नियमित निरीक्षण के दौरान सफाई कार्य में खामियां और कचरे का उठाव नहीं होने पर निगम ने दो ठेका एजेंसियों पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया है। आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने संबंधित एजेंसियों से जुर्माने की राशि वसूलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निगम आयुक्त के मार्गदर्शन में शहर के सभी सात जोन के जोन कमिश्नर सुबह 7 बजे से अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वार्डों और बस्तियों में साफ-सफाई के अलावा पेयजल, बिजली, सड़क, स्ट्रीट लाइट, संपत्तिकर, जलकर और अतिक्रमण से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है। आयुक्त स्वयं भी सुबह शहर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।

निरीक्षण में मिलीं सफाई की कई खामियां
निरीक्षण के दौरान कोरबा जोन के वार्ड क्रमांक 2 स्थित सर्वमंगला नगर रोड में सफाई और कचरे का परिवहन नहीं होने की स्थिति सामने आई। वहीं वार्ड क्रमांक 11 के मेन रोड और पावर हाउस रोड में सफाई कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इसी तरह कोसाबाड़ी जोन में कोरबा पूर्वांचल समिति के सामने सफाई के बाद निकले कचरे का उठाव नहीं किया गया था।

इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए निगम ने मेसर्स बरुण गोस्वामी कंस्ट्रक्शन पर 15 हजार रुपये तथा मेसर्स राजेश्वरी कंस्ट्रक्शन पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों एजेंसियों पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।

निर्धारित मानकों के अनुरूप सफाई के निर्देश
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सभी सफाई एजेंसियों को निर्धारित समय और तय मानकों के अनुरूप नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर निर्धारित संख्या में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। सफाई के बाद एकत्रित कचरे का तत्काल उठाव भी सुनिश्चित किया जाए।

आयुक्त ने चेतावनी दी है कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर जुर्माने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। निगम की इस कार्रवाई से सफाई ठेकेदारों में जवाबदेही तय करने और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने का संदेश दिया गया है।