एकीकृत नियंत्रण केंद्र से होगी धान खरीदी की निगरानी, अवैध आवक पर रहेगी नजर

बिचौलियों और धान के पुनर्चक्रण पर लगेगी लगाम

कोरबा।खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था शुरू की है। खरीदी केंद्रों में अवैध धान की आवक, बिचौलियों की गतिविधियों और धान के पुनर्चक्रण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (एकीकृत नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र) स्थापित किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से जिले में धान खरीदी की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

प्रशासन का उद्देश्य धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए वास्तविक किसानों को शासन की योजना का लाभ सुनिश्चित करना है। इसके लिए खरीदी केंद्रों में होने वाली गतिविधियों की निगरानी के साथ निरीक्षण दलों से प्राप्त जानकारियों का भी संकलन किया जाएगा।

अपर कलेक्टर ओंकार यादव बनाए गए नोडल अधिकारी
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव को बनाया गया है। केंद्र के संचालन के लिए सहायक प्रोग्रामर शिवानंद राठौर (नागरिक आपूर्ति निगम, कोरबा), प्राची चंद्रा और रेचल प्रधान (खाद्य शाखा, कोरबा) की ड्यूटी लगाई गई है।

इसके अलावा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पूर्णेन्द कमलसेन (जिला विपणन कार्यालय से खाद्य शाखा में संलग्न), रजनीश शुक्ला और अनीता लहरे (जिला विपणन कार्यालय) को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

निरीक्षण दलों की रिपोर्ट पहुंचेगी कलेक्टर तक
धान खरीदी केंद्रों की निगरानी और निरीक्षण के लिए गठित दलों से प्राप्त रिपोर्ट एकीकृत नियंत्रण केंद्र के माध्यम से कलेक्टर को भेजी जाएगी। इससे खरीदी केंद्रों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा और अनियमितताओं पर आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

प्रशासन ने धान खरीदी से संबंधित शिकायतों और सुझावों के लिए मोबाइल नंबर 9691901259 जारी किया है।

किसान एवं आम नागरिक इस नंबर पर अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों और सुझावों की जानकारी खाद्य शाखा को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।