गेवरा के रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव से आवागमन मुश्किल, दुर्घटना का खतरा

दोबारा सड़क निर्माण के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति, दो नोटिस के बावजूद जलनिकासी की समस्या बरकरार

कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के गरुण नगर और रीजनल स्टोर के बीच स्थित रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव की समस्या राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। अंडरब्रिज के नीचे सड़क पर लगातार पानी जमा रहने और जगह-जगह गड्ढे होने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है। पानी में डूबे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से एसईसीएल कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।

कर्मचारियों और आम नागरिकों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग
यह अंडरब्रिज यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। दीपका से शक्तिनगर, कुसमुंडा और कोरबा स्थित महाप्रबंधक कार्यालय तक आने-जाने वाले एसईसीएल कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद सड़क पर पानी का जमाव और क्षतिग्रस्त हिस्से सुरक्षित आवागमन में बाधा बन रहे हैं। विशेषकर रात के समय पानी में छिपे गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

दोबारा सड़क निर्माण भी नहीं आया काम
जानकारी के अनुसार, वाहनों की सुगम आवाजाही के उद्देश्य से राइट्स कंपनी द्वारा रेलवे अंडरब्रिज की सड़क को खोदकर दोबारा निर्माण कराया गया था। इससे लोगों को उम्मीद थी कि आवागमन की समस्या दूर होगी, लेकिन जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से जलभराव की समस्या अब भी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में गेवरा प्रबंधन की ओर से संबंधित कंपनी को दो बार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

नोटिस नहीं, समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं लोग
स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों का कहना है कि जब सड़क का दोबारा निर्माण कराया गया, तब जलनिकासी की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई? दो बार नोटिस जारी होने के बाद भी समस्या जस की तस क्यों बनी हुई है? लोगों का मानना है कि केवल नोटिस जारी करने से राहत नहीं मिलेगी, बल्कि जिम्मेदार एजेंसी से सुधार कार्य पूरा कराना जरूरी है।

क्षेत्रवासियों ने गेवरा प्रबंधन से जलभराव के वास्तविक कारणों की जांच कराने, पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही समस्या का समाधान होने तक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की भी अपेक्षा जताई है।

अब सवाल यह है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए प्रबंधन कब ठोस पहल करेगा? आखिर जलभराव और बदहाल सड़क से लोगों को कब राहत मिलेगी?