हाथी प्रभावित 20 गांव के ग्रामीणाें को दो साल से सोलर हाइब्रिड लाइट का इंतजार

कोरबा। हाथी-मानव द्वंद्व को कम करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई पहल की जा रही है। कोरबा जनपद के 20 हाथी प्रभावित ग्राम पंचायतों में सांसद व विधायक निधि से 1.04 करोड़ रूपये स्वीकृत की गई है। जिला सांख्यिकी विभाग की ओर से 50 लाख रूपये पंचायतों के खाते में स्थानांतरित कर दी गई है। दो साल गुजर जाने के बाद भी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायतों ने के्रडा से अनुबंध नहीं किया है। काम पूरा नहीं होने की वजह से हाथी प्रभावित पंचायत के ग्रामीण रोशनी को तरस रहे हैं।

जिले के कटघोरा व कोरबा वन मंडल में हाथियों की संख्या बढ़ने साथ समस्याएं बढ़ती ही जा रही है। अधिकांश प्रभावित गांव में बिजली तो पहुंच चुकी हैं लेकिन विरल बसाहट के कारण स्ट्रीट लाइट लगाना संभव नहीं। इस समस्या को दूर करने के लिए सोलर लाइट का विकल्प तय किया गया। सांसद-विधायक मद से दो साल पहले ग्राम कोरबा जनपद के नकिया, कोलगा, डोंगदरहा, सकदुकला, रजगामार, पंडरीपानी, करमंदी, कटकोना, कोरकोमा, कुदमुरा, गोढ़ी, कछार, चुइया, सोनगुढ़ा, चचिया, अमलडीहा, गढ़ उपरोड़ा, चाकामार, बेंदरकाना में सोलर हाइब्रिड लाइट को स्वीकृति मिली है। प्रत्येक गांव में 5.20 लाख रूपये खर्च सोलर लाइट लगाना है।

निर्माण कार्य के लिए प्रारंभिक राशि 2.50 लाख रूपये सांख्यिकी विभाग ने पचायतों के खाते में स्थानांरित किया है। पंचायत के कार्यों में जनपद अधिकारियाें द्वारा अवलोकन नहीं किए जाने के कारण काम शुरू नहीं हुआ है।

सांसद व विधायकों के पूर्व कार्यकाल के काम होने की वजह जनपद की ओर से भी नजर अंदाज किया। दो माह बात त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। समय सीमा के बाद कई गांव के जनप्रतिनिधि भी बदल जाएंगे। समय रहते काम नहीं कराए जाने पर सोलर हाइब्रिड लाइट का काम लंबित होना तय है।